अंकिता भंडारी मामला: पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर को भेजा गया जेल,कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

Ankita Bhandari case: Former BJP MLA Suresh Rathore sent to jail; court rejects bail plea.

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले से जुड़ी एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। इस मामले में देहरादून की डालनवाला पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को पुलिस ने कड़े सुरक्षा घेरे के बीच पूर्व विधायक को न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश सुना दिया। इसके साथ ही अदालत ने सुरेश राठौर की जमानत याचिका को भी सिरे से नामंजूर (खारिज) कर दिया है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन बेहद मुस्तैद नजर आ रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने इस मुकदमे में 'एक्सटॉर्शन' (जबरन वसूली/धमकाना) की गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं। कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और पुलिस ने पूर्व विधायक के खिलाफ कई पुख्ता दलीलें पेश कीं।

सरकारी वकील ने अदालत के सामने दलील दी कि यदि पूर्व विधायक की मंशा गलत नहीं होती या एक्सटॉर्शन का इरादा नहीं होता, तो वे वीडियो में बकायदा नाम लेकर और फिर उसे सुनियोजित तरीके से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल नहीं करते। जांच एजेंसी के मुताबिक, पूर्व विधायक सुरेश राठौर पर आरोप है कि उन्होंने पार्टी से अपना निष्कासन समाप्त करवाने और भाजपा में दोबारा बड़ा पद पाने की लालसा (महत्वाकांक्षा) में इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। इसके लिए उन्होंने 'एक्सटॉर्शन' का रास्ता चुना। इस पूरे प्रकरण में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ उत्तराखंड के कई जिलों के थानों में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें हरिद्वार का झबरेड़ा व बहादराबाद थाना, और देहरादून का नेहरू कॉलोनी व डालनवाला थाना शामिल हैं। आरोपियों पर आरोप है कि दोनों ने मिलकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ ऐसे आपत्तिजनक ऑडियो और वीडियो वायरल किए थे, जिनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं के संबंध में बेहद भ्रामक और छवि धूमिल करने वाली सामग्री प्रसारित की गई थी। शिकायतकर्ताओं का साफ कहना था कि इस कृत्य से नेताओं और पार्टी की सामाजिक छवि को अपूरणीय क्षति पहुंची है, जिसके आधार पर ही यह कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। मामले में सुरेश राठौर के साथ सह-आरोपी बनाई गईं उर्मिला सनावर के खिलाफ भी पुलिसिया कार्रवाई तेज हो गई है। अलग-अलग थानों में दर्ज मुकदमों के आधार पर पुलिस कड़ियों को जोड़ रही है। राजनीतिक गलियारों से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में पूर्व विधायक को जेल होने के बाद प्रदेश की सियासत में भी उबाल आ गया है। कोर्ट द्वारा जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब सुरेश राठौर को आने वाले दिन सलाखों के पीछे ही गुजारने होंगे। पुलिस का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है और जल्द ही इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।