झारखंड में चमकेगा ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क: हर विधायक को मिलेंगे 15 करोड़, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

Rural road network set to shine in Jharkhand: Each MLA to receive ₹15 crore; development works to gain momentum.

रांची।झारखंड के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। सूबे के गांवों को मुख्य सड़कों और शहरों से जोड़ने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क संपर्क व्यवस्था (रोड कनेक्टिविटी) को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में विधायक अनुशंसा आधारित योजनाओं का बजट बढ़ा दिया है। अब राज्य के प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि दी जाएगी। विभाग ने सभी जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों की प्राथमिकताओं के आधार पर नई सड़कों और पुलिया के निर्माण के लिए औपचारिक प्रस्ताव मांगे हैं।

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के दायरे में झारखंड के सभी 81 निर्वाचित और एक मनोनीत विधायक सहित कुल 82 जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। विधायकों को मिलने वाली इस 15 करोड़ रुपये की राशि से उनके विधानसभा क्षेत्रों के सुदूरवर्ती गांवों में नई ग्रामीण सड़कें, संपर्क मार्ग, छोटी पुलिया और अन्य आवश्यक बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं का निर्माण कराया जाएगा। योजनाओं को पारदर्शी और सुचारू रूप से लागू करने के लिए विभागीय अभियंता (इंजीनियर्स) लगातार विधायकों और उनके प्रतिनिधियों से संपर्क साध रहे हैं, ताकि जमीनी स्तर पर बेहद जरूरी और जनहित से जुड़ी योजनाओं की सूची जल्द से जल्द तैयार की जा सके। विधायकों से योजनाओं की सूची और अनुशंसा प्राप्त होने के बाद विभाग की ओर से उनकी गहन तकनीकी जांच की जाएगी। इसके तुरंत बाद प्रत्येक योजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी। इस डीपीआर में सड़क की कुल लंबाई, अनुमानित लागत, गुणवत्ता के कड़े मानक, भूमि की उपलब्धता और आधुनिक निर्माण तकनीक जैसे सभी महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। तकनीकी स्वीकृति मिलने के तुरंत बाद योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी जाएगी, ताकि टेंडर प्रक्रिया और निर्माण कार्य में कोई देरी न हो। विभाग का लक्ष्य है कि वर्तमान बरसात के मौसम का अधिकतम उपयोग केवल डीपीआर तैयार करने में किया जाए, ताकि मानसून खत्म होते ही धरातल पर निर्माण कार्य पूरी तेजी से शुरू कराया जा सके। इस योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों में भी भारी उत्साह है। खिजरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश कच्छप और खूंटी के विधायक राम सूर्या मुंडा ने सरकार के इस कदम की सराहना की है। विधायकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई ऐसे टोले और गांव हैं जहाँ नई सड़कों का निर्माण होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, कई पुरानी और जर्जर हो चुकी सड़कों के जीर्णोद्धार (रिपेयरिंग) की भी सख्त आवश्यकता है। विधायकों का दृढ़ विश्वास है कि 15 करोड़ रुपये की इस बढ़ी हुई बजटीय सीमा से गांवों में आवागमन की सुविधा विश्वस्तरीय होगी, जिससे किसानों को अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाने और छात्रों को स्कूल-कॉलेज जाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी। सरकार की इस दूरदर्शी पहल से न केवल राज्य के दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई और मजबूत गति मिलेगी।