नैनीतालः घटगड़ शराब की दुकान विवाद मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई! सरकार के आश्वासन पर याचिकाएं निस्तारित, मुख्य सचिव को दिए निर्देश
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग के घटगड़ में खुली मदिरा की दुकान और दुकान स्वामी को सुरक्षा दिलाए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर दोनों याचिकाओं को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सरकार शराब की दुकान सही जगह पर खोलने के लिए एक सही पॉलिसी बनायेगी। ताकि क्षेत्र के लोगों को उससे कोई परेशानी न हो, लेकिन ऐसी कोई भी दुकान खोलने से पहले आबकारी विभाग को यह ध्यान रखना होगा कि वहां के लोगों, उनके बच्चों और महिलाओं की भावनाओं को ठेस न पहुंचे। सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया कि शराब की दुकान खोलने के लिए नई आबकारी नीति के संबंध में 17.06.2026 के आदेश में दिए गए अन्य निर्देशों के बारे में मामला सरकार के पास विचाराधीन है। निर्णय होने के उपरांत सही जगह पर शराब की दुकान आवंटित करने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे, ताकि उस इलाके के निवासियों को ऐसी जगह पर कोई आपत्ति न हो। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारी निवासियों की भावनाओं का ध्यान रखेंगे, ताकि शहर की मुख्य जगह पर शराब की दुकान खुलने से भविष्य में स्कूल जाने वाले बच्चों व अन्य लोगों पर कोई बुरा असर न पड़े। इसपर कोर्ट ने मुख्य सचिव से निर्णय लेने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ में हुई। बता दें कि बलवंत सिंह व सुलक्षणा साह ने याचिका दायर कर कहा है कि सरकार ने उन्हें खुदरा मदिरा बेचे जाने का लाइसेंस नैनीताल कालाढूंगी मार्ग के मंगोली में दिया गया था। लेकिन क्षेत्र वासियों के विरोध के बाद उसे इसी मार्ग में आगे घटगड़ में खोली है। लेकिन अब वहां पर भी लोग उन्हें यह व्यवसाय नही करने दे रहे हैं। उनके दुकान के आगे धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित होने की आंशका बनी हुई है। उनको और उनकी दुकान की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस दिलाई जाय। याचिका में यह भी कहा गया कि सरकार द्वारा शराब की खुदरा बिक्री का लाइसेंस प्राप्त व्यक्तियों को दिया गया है। लिहाजा सरकार को ही उन्हें संरक्षण प्रदान करना चाहिए।