रुद्रप्रयागः दिवारा यात्रा में हंगामे का मामला! त्रिभुवन चौहान समेत 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि में ऋषि अगस्त्य मुनि महाराज की दिवारा यात्रा के दौरान हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लेते हुए 52 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बता दें कि केदारघाटी के अगस्त्यमुनि में प्रसिद्ध अगस्त्य मंदिर में मुनि महाराज विराजते हैं। यहां अगस्त्य या अगस्तमुनि महाराज के नाम पर खेल मैदान है। जहां पर प्रशासन की ओर से स्टेडियम निर्माण करवाया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण नहीं चाहते कि इस स्थान पर स्टेडियम का निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि ये खेल मैदान मुनि महाराज का है, जहां पर बच्चों को खेलने कूदने में आसानी होती है। अगर यहां स्टेडियम का निर्माण किया जाता है तो यहां के लोगों को बाहरी लोगों के हाथों की कठपुतली बनना पड़ेगा। ऐसे में स्टेडियम निर्माण के विरोध में बीते एक महीने से खेल मैदान में मुनि महाराज की गद्दीस्थल के पास ग्रामीण धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों ने इस बार 15 साल बाद अगस्त्यमुनि महाराज की डोली दिवारा यात्रा का आयोजन किया है, जिसके तहत मकर संक्रांति के पर्व पर अगस्त्य मंदिर से मुनि महाराज की डोली को खेल मैदान मेंं स्थित गद्दीस्थल पर जाना था, लेकिन खेल मैदान का गेट गोल आकार का होने के चलते डोली अंदर को प्रवेश नहीं कर पाई। ऐसे में ग्रामीणों ने मकर संक्रांति पर्व पर करीब पांच घंटे तक केदारनाथ हाईवे पर गोल गेट को तोड़े जाने की मांग की, लेकिन गेट नहीं तोड़े जाने पर डोली वापस मंदिर को लौटी। इस दौरान केदारनाथ हाईवे पर जाम लग गया था, जिसमें वाहन घंटों तक फंसे रहे। जिससे यात्रियों से लेकर अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं गुरुवार को करीब 11 बजे डोली ने दोबारे अगस्त्यमुनि खेल मैदान में अपने गद्दीस्थल के लिए प्रस्थान किया। रास्ते में गोल गेट टूटा न मिलने पर मुनि महाराज के सेवक और श्रद्धालु आक्रोशित हो गए। मेन गेट तोड़ने को लेकर सवा 12 बजे के आसपास लोगों ने प्रयास शुरू किया। लगातार कई घंटे तक प्रयास के बाद करीब शाम चार बजे श्रद्धालु गेट तोड़ने में सफल रहे।