बिहार में सचिवालय से चलेगी 'सबका सम्मान, जीवन आसान' मुहिम: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगाएंगे सहयोग शिविर, जानें कैसे होगा रजिस्ट्रेशन
पटना। बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब आम जनता की समस्याओं और शिकायतों को सीधे सुनने के लिए ‘सहयोग शिविर’ की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह उच्च स्तरीय शिविर प्रत्येक महीने के दूसरे मंगलवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत आगामी 14 जुलाई से होने जा रही है। सचिवालय में इसके लिए तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।
गौरतलब है कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियमित रूप से 'जनता दरबार' लगाते थे, जिसे बाद में लोक शिकायत निवारण कानून बनने के बाद तकनीकी कारणों से बंद कर दिया गया था। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता से सीधे जुड़ाव की इस परंपरा को और अधिक आधुनिक तथा प्रभावी रूप देते हुए ‘सहयोग शिविर’ के रूप में फिर से शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला किया है। यह पूरा कार्यक्रम राज्य सरकार के ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के अंतर्गत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ थीम के तहत संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य शासन को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना और प्रशासनिक जवाबदेही तय करना है। शासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह सहयोग शिविर विशेष रूप से उन आवेदकों के लिए एक बड़ा सहारा बनेगा जिनकी शिकायतें जिला स्तर (अनुमंडल या डीएम कार्यालय) पर निस्तारित होने के बाद भी लंबित हैं या वे प्राप्त समाधान से संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे पीड़ित लोग अब अपनी समस्या को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष टेबल पर रख सकेंगे। वर्तमान में होने वाले उपचुनाव के कारण केवल बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर पूरे बिहार के आम नागरिकों को इस कार्यक्रम में शामिल होने और अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।
सहयोग शिविर में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी व्यवस्था को डिजिटल किया गया है। शिविर में भाग लेने की प्रक्रिया इस प्रकार है। आवेदकों को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट sahyog.bihar.gov.in पर जाना होगा। वहां 'राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम' का चयन कर अपना पुराना शिकायत रेफरेंस नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी वेरिफिकेशन होते ही पुराना आवेदन विवरण स्क्रीन पर अपने आप (स्वतः) आ जाएगा। जिन आवेदकों का चयन शिविर के लिए होगा, उन्हें तारीख, समय और अन्य जरूरी जानकारियां एसएमएस के जरिए सीधे उनके मोबाइल पर भेज दी जाएंगी। आम जनता की सहायता और किसी भी प्रकार की पूछताछ के लिए सरकार ने एक निशुल्क (टोल-फ्री) हेल्पलाइन नंबर 1100 भी जारी किया है। इसके अलावा, बिहार के नागरिक किसी भी समय सहयोग पोर्टल पर अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का स्पष्ट लक्ष्य है कि जनता की समस्याओं का बिना किसी देरी के त्वरित और प्रभावी निस्तारण हो। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि शिविर में आने वाली हर शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर तय समय सीमा के भीतर निपटाया जाए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 14 जुलाई को होने वाले पहले सहयोग शिविर में पूरे सूबे से भारी संख्या में लोग पहुंच सकते हैं, जो मुख्यमंत्री की आम जनता के बीच लोकप्रियता को एक नया आयाम देगा।