त्रिपुरा के डीजीपी अनुराग धनखड़ की संदिग्ध मौत! पुलिस मुख्यालय में फंदे से लटका मिला शव, पुलिस और प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
नई दिल्ली। त्रिपुरा से सोमवार को एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई, जिसने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव अगरतला स्थित पुलिस मुख्यालय में उनके कार्यालय के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारी भी तत्काल मौके पर पहुंच गए। धनखड़ को आनन-फानन में अगरतला के जीबीपी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनुराग धनखड़ सोमवार को पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मौजूद थे। कुछ समय बाद जब उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो अधिकारियों ने स्थिति की जांच की। कमरे के भीतर उनका शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई। फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस समय किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मुख्य सचिव जेके सिन्हा समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने कहा है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही किया जाएगा। पुलिस की ओर से भी अभी तक किसी संभावित कारण पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। जांच एजेंसियां पुलिस मुख्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना से पहले और बाद में कौन-कौन लोग कार्यालय के आसपास मौजूद थे। साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट हो सके। मेडिको.लीगल जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट को इस मामले में अहम माना जा रहा है। अनुराग धनखड़ त्रिपुरा कैडर के वर्ष 1994 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी थे। उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला था। इससे पहले वे राज्य में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके थे और कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा तथा पुलिस प्रशासन में उनके अनुभव को काफी महत्वपूर्ण माना जाता था। डीजीपी के रूप में वे पूरे राज्य की पुलिस व्यवस्था के सर्वोच्च अधिकारी थे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। राज्य के सबसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की इस तरह अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस घटना से स्तब्ध हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।