बारिश से हाहाकारः जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी में भारी तबाही! अबतक 11 लोगों की मौत, गृहमंत्री अमित शाह ने एलजी और सीएम से की बात

Havoc caused by rains: Massive devastation in Jammu and Kashmir's Poonch and Rajouri! 11 dead so far; Home Minister Amit Shah spoke to the LG and CM.

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के पुंछ और राजौरी जिलों में रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिनमें अब तक कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। आपदा के बाद प्रशासन, सेना, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय स्वयंसेवकों की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है। सबसे अधिक प्रभावित पुंछ जिले की सुरनकोट तहसील रही, जहां भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से व्यापक नुकसान हुआ। अधिकारियों के अनुसार, सुरनकोट क्षेत्र में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और सड़कें मलबे से पट गई हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है। नूनाबंदी गांव में एक मकान ढहने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उनके पति मोहम्मद हाफिज और दो से छह वर्ष आयु के उनके तीन बच्चे घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं लोअर मुर्रा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक अन्य मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जिसमें रहने वाले मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच सदस्य लापता बताए जा रहे हैं।

राहत दल लगातार मलबा हटाकर उनकी तलाश कर रहे हैं। एक अन्य घटना में मरहोते क्षेत्र में इरम नामक एक नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में बह गई, जबकि धुंदक लाथूंग पुल के समीप एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया गया। इसके अलावा सांगला गांव में अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से एक मकान बह गया, जिसमें एक ही परिवार के चार सदस्य लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने इन सभी क्षेत्रों में राहत कार्य तेज कर दिया है। बारिश का कहर केवल पुंछ तक ही सीमित नहीं रहा। राजौरी जिले में भी लगातार हुई वर्षा के कारण निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सैकड़ों परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। कई सड़कें जलमग्न हो गईं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। भारी वर्षा के कारण रियासी जिले स्थित सलाल बांध के सभी गेट खोलने पड़े, जिससे चिनाब नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें नदी के पास न जाने, मछली पकड़ने, स्नान करने, पशुओं को नदी किनारे न ले जाने और नदी पार करने का प्रयास न करने की सख्त सलाह दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुंछ और राजौरी जिलों की स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिक प्रशासन, पुलिस, सेना, SDRF और अन्य एजेंसियां पूरी क्षमता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं तथा सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बातचीत कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा और राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।