एशियन गेम्स 2026 के सातवें दिन पदकों की झड़ी: कबड्डी में डबल गोल्ड से गूंजा तिरंगा, मैराथन में 44 साल बाद रचा इतिहास
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 के सातवें दिन भारतीय एथलीटों ने अपने अदम्य साहस, असाधारण जज्बे और शानदार खेल के बल पर इतिहास के पन्नों में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। शनिवार का दिन भारत के लिए स्वर्णिम सफलताओं और ऐतिहासिक पदकों से भरा रहा। भारत ने कबड्डी के दोनों वर्गों महिला और पुरुष में ईरान को रोमांचक मुकाबलों में धूल चटाकर 'डबल गोल्ड' पर कब्जा जमाया।
एशियन गेम्स 2026 में शनिवार का दिन भारत के लिए पदकों की बारिश लेकर आया। सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने कबड्डी में दो स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा, वहीं एथलेटिक्स, शूटिंग और स्क्वाश समेत कई खेलों में भी पदक भारत की झोली में आए। महिला और पुरुष कबड्डी टीमों ने अपने-अपने फाइनल में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक जीते। पुरुष मैराथन में सावन बरवाल ने रजत पदक जीतकर 44 साल बाद भारत को इस स्पर्धा में पदक दिलाया, जबकि गोला फेंक में तजिंदरपाल सिंह तूर ने रजत अपने नाम किया। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम ने भी रजत जीता और प्राची चौधरी ने 400 मीटर में कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रदर्शन से भारत की कुल पदक संख्या 30 हो गई, जिसमें चार स्वर्ण, 12 रजत और 14 कांस्य शामिल हैं। भारत की महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले में भारत ने पहले हाफ में 22-16 की बढ़त बनाई, लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने जोरदार वापसी की। ईरान ने भारतीय टीम को ऑलआउट कर दबाव बनाया, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार अंक जुटाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। महिला टीम की जीत के बाद पुरुष कबड्डी टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। पहले हाफ में ईरान 18-17 से आगे था, लेकिन दूसरे हाफ में भारत ने वापसी करते हुए मुकाबले की दिशा बदल दी। भारतीय टीम ने ईरान को ऑलआउट कर बढ़त बनाई और अंत तक उसे कायम रखा। पुरुष कबड्डी में यह भारत का एशियाई खेलों में नौवां स्वर्ण पदक है। दोनों वर्गों में स्वर्ण जीतकर भारत ने कबड्डी में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया। पुरुष मैराथन में सावन बरवाल ने 2 घंटे 11 मिनट 36 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक जीता। उनका यह पदक इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत ने एशियाई खेलों की पुरुष मैराथन में 44 साल बाद पदक हासिल किया। सावन ने इस प्रदर्शन के दौरान अपना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बेहतर किया।
जापान के इचिटाका यामाशिता ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि सावन दूसरे स्थान पर रहे। उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी बधाई दी। गोला फेंक में दो बार के एशियाई खेल चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर ने 20.64 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीता। मुकाबले के दौरान एक समय वह तीसरे स्थान पर खिसक गए थे, लेकिन पांचवें प्रयास में 20.64 मीटर का थ्रो कर उन्होंने शानदार वापसी की। अंतिम प्रयास में उनके पास स्वर्ण के लिए चुनौती पेश करने का मौका था, लेकिन वह फाउल हो गया और उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा। तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद कोचलुमकल और आशी चौकसे की भारतीय टीम ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारत ने क्वालिफिकेशन में 1763 अंक जुटाए। चीन ने 1773 अंकों के साथ स्वर्ण और कजाकिस्तान ने 1754 अंकों के साथ कांस्य जीता। महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में प्राची चौधरी ने 53.21 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। बहरीन की सलवा नासेर ने 49.20 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीता, जबकि ईरान की जहरा जारेई मनूजन को रजत मिला। भारत की 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने जापान की विश्व नंबर-6 सातोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर महिला एकल के फाइनल में प्रवेश किया। शुरुआती दो गेम गंवाने के बाद अनाहत ने जोरदार वापसी की। पुरुष एकल में अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। दोनों भारतीय खिलाड़ियों ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। मिश्रित युगल में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक मिला। जोशना का एशियाई खेलों में यह छठा पदक है। पुरुष हॉकी में गत चैंपियन भारत ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। अभिषेक ने 15वें मिनट और कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 40वें मिनट में गोल किया। यह टूर्नामेंट में भारत की लगातार चौथी जीत रही। तीरंदाजी में धीरज बोम्मादेवरा ने रिकर्व व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में 720 में से 698 अंक जुटाकर एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने कोरिया के ली वू के 690 अंकों के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। भारतीय पुरुष टीम ने भी क्वालिफिकेशन में 2039 अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, स्टार हर्डलर ज्योति याराजी ने वार्म-अप के दौरान दर्द महसूस होने के बाद 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से नाम वापस ले लिया। बॉक्सिंग में प्रिया घंघास और कपिल पोखरिया ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सातवें दिन का प्रदर्शन भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण रहा। कबड्डी के दोनों स्वर्ण से लेकर मैराथन और गोला फेंक के रजत तथा शूटिंग, स्क्वाश, हॉकी और तीरंदाजी के शानदार प्रदर्शन ने भारतीय अभियान को नई गति दी है। अब निगाहें उन स्पर्धाओं पर हैं जहां भारतीय खिलाड़ी अगले दौर में पदक का रंग बदलने के लिए उतरेंगे।