पुणे में दरिंदगी पर 'जनाक्रोश': मासूम का शव हाईवे पर रख प्रदर्शन, 4 घंटे तक जाम रहा मुंबई-बंगलूरू मार्ग
पुणे। महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाने वाला पुणे शहर एक ऐसी जघन्य वारदात से दहल उठा है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। यहाँ एक चार साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या की घटना ने जन-जन के मन में आक्रोश भर दिया। इस बर्बरता के विरोध में रविवार को सैकड़ों स्थानीय लोग मुंबई-बंगलूरू हाईवे पर उतर आए और करीब चार घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रखा।
घटना की खबर फैलते ही नवले ब्रिज इलाके में गुस्साए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने मासूम बच्ची के शव को सड़क पर रखकर 'इंसाफ' के नारे लगाए। प्रदर्शन के कारण मुंबई-बंगलूरू हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपी को गिरफ्तार कर उसे ऐसी सजा दी जाए जो समाज के लिए मिसाल बने। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों की कड़ी मशक्कत और आश्वासन के बाद जाम खोला जा सका। इस बीच, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने इस घटना को "मानवता पर कलंक" करार दिया। सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले को लेकर विशेष चर्चा की और मांग की है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए, ताकि मासूम को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस घटना पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि इस मामले में रत्ती भर भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वे आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस वारदात ने पुणे के अभिभावकों में असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक दरिंदों को फांसी नहीं मिलती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया है और इलाके में भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात है।