बिहार उपचुनाव नतीजों पर प्रियंका गांधी का भाजपा परतंज तंज, बोलीं-जनता अब तंग आ चुकी है और यह तो सिर्फ शुरुआत है

Priyanka Gandhi takes a dig at the BJP over the Bihar by-election results, saying the public is fed up and this is just the beginning.

नई दिल्ली। बिहार और मध्य प्रदेश के विधानसभा उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली हार के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने उपचुनाव के नतीजों को भाजपा के खिलाफ जनता के बदलते मूड का संकेत बताते हुए कहा कि लोग अब सत्तारूढ़ पार्टी से तंग आ चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि यह बदलाव की शुरुआत है और जनता अब देश की मौजूदा परिस्थितियों को समझने लगी है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान प्रियंका गांधी ने उपचुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह बिल्कुल साफ है कि जनता भाजपा से थक चुकी है और तंग आ चुकी है। लोग समझ रहे हैं कि देश में क्या हो रहा है। यह तो सिर्फ शुरुआत है।" उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।

बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज कर भाजपा से यह सीट छीन ली। यह सीट पहले भाजपा के नितिन नवीन के पास थी, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी मिलने के बाद विधायक पद से इस्तीफा दिया था। उपचुनाव में प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 44,827 वोटों से संतोष करना पड़ा। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 14,273 वोट मिले। बांकीपुर चुनाव का एक दिलचस्प पहलू भी चर्चा में रहा। चुनाव मैदान में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नितीश कुमार और लालू प्रसाद यादव नाम के दो प्रत्याशी भी उतरे थे। हालांकि, ये बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नितीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव नहीं, बल्कि समान नाम वाले अन्य उम्मीदवार थे। दोनों को क्रमशः 149 और 81 वोट मिले, जिसके चलते उनकी जमानत जब्त हो गई। नामों की समानता के कारण यह परिणाम सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर भी कांग्रेस ने भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए जीत दर्ज की। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,016 वोटों से पराजित किया। कांग्रेस को 66,757 यानी 42.39 प्रतिशत वोट मिले, जबकि भाजपा 60,741 वोट (38.57 प्रतिशत) पर सिमट गई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस उपचुनाव में भाजपा के वोट प्रतिशत में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। वहीं, आजाद समाज पार्टी ने तीसरे मोर्चे के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। हालांकि, गुजरात के वडोदरा जिले की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भाजपा ने अपनी पकड़ बरकरार रखी। भाजपा उम्मीदवार सतीश गोविंदभाई पटेल ने कांग्रेस के उम्मीदवार एवं पूर्व मंत्री भीखाभाई रबारी को 30,630 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पार्टी की प्रतिष्ठा बचाई। उपचुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस इन्हें आगामी चुनावों के लिए सकारात्मक संकेत मान रही है, जबकि भाजपा ने गुजरात में मिली जीत को जनता के भरोसे का प्रमाण बताया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन परिणामों ने विपक्ष को नया उत्साह दिया है, वहीं भाजपा के लिए भी यह आत्ममंथन का अवसर है। अब सभी की नजर आगामी विधानसभा चुनावों पर टिकी है, जहां इन उपचुनावों के असर की वास्तविक परीक्षा होगी।