“युवा कॉकरोच की तरह हैं…” CJI की टिप्पणी से मचा सियासी तूफान!विपक्ष से लेकर बॉलीवुड हस्तियों ने की तीखी आलोचना,कॉलेजियम सिस्टम पर भी उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत की एक टिप्पणी ने देश की सियासत, न्याय व्यवस्था और सोशल मीडिया ,तीनों में बहस का नया दरवाजा खोल दिया है। जूनियर वकीलों को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर अब राजनीतिक दलों से लेकर फिल्मी हस्तियों तक तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
दरअसल, जूनियर वकीलों को सीनियर बनाने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने तल्ख अंदाज में कहा कि “कुछ युवा तिलचट्टों की तरह हैं”, जिन्हें न रोजगार मिलता है, न पेशे में जगह। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे लोग फिर मीडिया, सोशल मीडिया या एक्टिविज्म का रास्ता पकड़ लेते हैं और हर किसी पर हमला शुरू कर देते हैं।
बस फिर क्या था… देश में वैसे ही नौकरी, भर्ती परीक्षा, पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर युवाओं का पारा हाई चल रहा है, ऊपर से न्यायपालिका की सबसे ऊंची कुर्सी से आया यह बयान आग में घी डालने जैसा साबित हुआ। सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाया कि जब लाखों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं, इंटरव्यू और सिस्टम की भूलभुलैया में फंसे रहते हैं, तब उन्हें “कॉकरोच” और “परजीवी” जैसे शब्दों से संबोधित करना क्या न्यायपालिका की गरिमा के अनुरूप है?
इस विवाद में अब प्रियंका चतुर्वेदी भी खुलकर उतर आई हैं। शिवसेना (यूबीटी) नेता ने बिना नाम लिए सुप्रीम कोर्ट पर तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि संवैधानिक महत्व के मामलों में वर्षों तक फैसला लंबित रहना क्या चिंता की बात नहीं है? और जो लोग इस देरी पर सवाल उठाएं, उन्हें “तुच्छ राजनेता” बताना घोर अहंकार है। प्रियंका ने न्यायपालिका पर असहिष्णुता का आरोप तक लगा डाला।
अब बहस सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रही, बल्कि न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग कॉलेजियम सिस्टम को लेकर भी तंज कस रहे हैं। यूजर्स लिख रहे हैं कि देश में नौकरी के लिए युवा सालों तक परीक्षा, इंटरव्यू और वेरिफिकेशन से गुजरते हैं, जबकि जज बनने की प्रक्रिया आम जनता के लिए अब भी रहस्य बनी हुई है। कौन जज बनेगा, कौन प्रमोट होगा, किसका नाम आगे बढ़ेगा—यह सब बंद कमरों में तय होता है, और फिर वही सिस्टम युवाओं को “परजीवी” बताने लगे तो सवाल उठना लाजिमी है।
विवाद बढ़ने के बाद बॉलीवुड से भी प्रतिक्रियाएं आने लगीं। अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने एक्स पर लिखा कि हाल के समय में कई दुखद घटनाएं हुईं, लेकिन सीजेआई का यह बयान कई स्तरों पर बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि इस बयान ने मन को गहरी पीड़ा पहुंचाई है।
वहीं अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने भी सीजेआई के बयान को अपमानजनक बताते हुए कहा कि देश के युवाओं का इस तरह मजाक उड़ाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हालांकि बढ़ते विवाद के बाद सीजेआई सूर्यकांत ने सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि उनका बयान उन लोगों के लिए था जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे पेशों में घुस आए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया।
लेकिन अब सवाल सिर्फ सफाई का नहीं, संवेदनशीलता का भी है। क्योंकि देश का युवा इस वक्त नौकरी, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और अनिश्चित भविष्य से जूझ रहा है। ऐसे में अगर व्यवस्था के सबसे ऊंचे पदों से ही युवाओं के लिए तिरस्कार भरी भाषा सुनाई दे, तो नाराजगी का उठना तय माना जा रहा है।