राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले गरमाई सियासत! परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द होने पर कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा हमला, ऊधम सिंह नगर से भी बड़ी संख्या में पहुंचेंगे छात्र-युवा

Politics heats up ahead of Rahul Gandhi's Uttarakhand visit! Congress launches a scathing attack on the BJP after permission for the Parade Ground rally is cancelled; large numbers of students and yo

देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 17 जुलाई को प्रस्तावित देहरादून दौरे से पहले उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए पहले निर्धारित परेड ग्राउंड की अनुमति प्रशासन द्वारा रद्द किए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। अब यह कार्यक्रम बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया जाएगा। अनुमति निरस्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देर रात परेड ग्राउंड पहुंचकर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया, जहां पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। इधर इस मामले को लेकर प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिल रहा है। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने परेड ग्राउंड को तीन दिनों के लिए विधिवत बुक कराया था और इसके लिए करीब 1.77 लाख रुपये का शुल्क भी जमा कर दिया गया था। बावजूद इसके कार्यक्रम से मात्र तीन दिन पहले प्रशासन ने अनुमति वापस लेते हुए आयोजन के लिए बन्नू स्कूल मैदान का विकल्प सुझाया। इसके बाद देर रात परेड ग्राउंड से कार्यक्रम की तैयारियों का सामान ट्रकों के जरिए बन्नू स्कूल मैदान भेजा गया।

अनुमति रद्द होने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश मुख्यालय से परेड ग्राउंड तक पहुंचे। पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए कई कार्यकर्ता ग्राउंड के भीतर पहुंच गए। इस दौरान गेट का ताला तोड़े जाने और पुलिस से तीखी बहस की घटनाएं भी सामने आईं। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह, हरक सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राहुल गांधी के कार्यक्रम से घबराई हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित कार्यक्रमों को भी बाधित करने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है। गोदियाल ने दावा किया कि 17 जुलाई का कार्यक्रम ऐतिहासिक होगा और प्रदेश में बदलाव की शुरुआत करेगा। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब परेड ग्राउंड खाली था और सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी गई थीं, तब अनुमति रद्द करने का कोई औचित्य नहीं था। उनके अनुसार, यह फैसला केवल इसलिए लिया गया क्योंकि सरकार राहुल गांधी की मौजूदगी और बड़ी जनभागीदारी से भयभीत है। 

ऊधम सिंह नगर जिले में तैयारियां तेज
उधर कांग्रेस ने राहुल गांधी के दौरे को सफल बनाने के लिए पूरे प्रदेश में तैयारियां तेज कर दी हैं। ऊधम सिंह नगर जिला कांग्रेस कमेटी ने भी विधानसभा स्तर पर अभियान शुरू कर दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गाबा ने कहा कि जिले से बड़ी संख्या में छात्र और युवा देहरादून पहुंचेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्यक्रम को प्रभावित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं। कांग्रेस के अनुसार, राहुल गांधी अपने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत छात्रों और युवाओं से बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती घोटालों, महंगी शिक्षा, शिक्षा व्यवस्था की खामियों और युवाओं से जुड़े अन्य मुद्दों पर संवाद करेंगे। पार्टी का कहना है कि यह अभियान देशभर में चलाया जा रहा है और उत्तराखंड में इसका आयोजन आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले युवाओं के बीच संवाद और संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।