पटना में राजनीतिक संग्राम: कांग्रेस मुख्यालय 'सदाकत आश्रम' पर बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े,लाठी-डंडे चले और जमकर हुआ पथराव,कई घायल
पटना। बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को राजनीतिक पारा उस समय अपने चरम पर पहुँच गया जब भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। राहुल गांधी के दिल्ली में हुए प्रदर्शन के खिलाफ बीजेपी के 'सदाकत आश्रम' (कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय) घेराव कार्यक्रम के दौरान दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। देखते ही देखते शांतिपूर्ण प्रदर्शन रणक्षेत्र में बदल गया, जहाँ दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ। इस हिंसक झड़प में दोनों दलों के कई कार्यकर्ताओं और नेताओं के घायल होने की खबर है।
इस भारी बवाल की नींव दिल्ली में मंगलवार को पड़ी थी। दरअसल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नीट परीक्षा में गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रधानमंत्री आवास का घेराव किया था। कांग्रेस के इस कदम के विरोध में बीजेपी ने देशभर में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन का मोर्चा खोल दिया। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस पार्टी नीट के मुद्दे पर राजनीति कर देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही है। इसी क्रम में पटना में बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम का घेराव करने पहुँचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब बीजेपी कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए सदाकत आश्रम के करीब पहुँचे, तो वहाँ मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। बहस देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गई। दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करना शुरू कर दिया। सड़क पर खड़े वाहनों और परिसर के आसपास से पत्थरबाजी होने लगी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहगीर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नज़र आए। घटना के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर योजनाबद्ध तरीके से हिंसा फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी का कहना है कि उनके कार्यकर्ता केवल लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने पहुँचे थे। झड़प और पथराव की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों गुटों को खदेड़ा। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कांग्रेस मुख्यालय और उसके आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पटना के मुख्य चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि दोनों दलों के कार्यकर्ता दोबारा आमने-सामने न आ सकें। फ़िलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन राजनीतिक तनाव चरम पर बना हुआ है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।