उत्तराखंड:देहरादून नहीं इस बार बनबसा में हुई धामी कैबिनेट की बैठक!24 प्रस्तावों पर हुई चर्चा, नजूल,स्किलिंग और कर्मचारी संपत्ति विवरण पर अहम फैसले!निजी विश्वविद्यालयों के नियम भी बदले
चंपावत। भारत-नेपाल सीमा से सटे बनबसा में रविवार को हुई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता वाली राज्य कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई। बैठक में कुल 24 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में युवाओं की स्किलिंग, कर्मचारियों के संपत्ति विवरण, नजूल भूमि के नियमितीकरण, निजी विश्वविद्यालयों, पशुपालन और वन भूमि से जुड़े मामलों सहित कई विषयों पर निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने युवाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से युवाओं को स्किल आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके तहत छात्रों के लिए स्किल डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे। सरकार के अनुसार प्रदेश के एक लाख से अधिक छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे। पाठ्यक्रम में बदलती तकनीक और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर रहेगा।

बैठक में TDC के लिए 66 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है।
कर्मचारियों की संपत्ति के विवरण के नियम बदले
कैबिनेट ने कर्मचारी आचरण नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके तहत संबंधित श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण निर्धारित अवधि के अनुसार देना होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक समूह 'क' और समूह 'ग' के कर्मचारियों को साल में एक बार संपत्ति का विवरण देना होगा, जबकि समूह 'ख' के कर्मचारियों के लिए पांच साल में संपत्ति विवरण देने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को समूह 'ख' का पद किए जाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
पहाड़ के कुक्कुट पालकों को डीबीटी से सब्सिडी
पहाड़ी क्षेत्रों में कुक्कुट पालन करने वाले लोगों के लिए भी कैबिनेट ने राहत का फैसला किया है। कुक्कुट आहार पर सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी और यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। योजना से करीब 2,000 कुक्कुट पालकों को लाभ मिलने का अनुमान है और इसके लिए करीब दो करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक महानिदेशक का पद स्वीकृत किया गया है। तीनों विभागों से जुड़े कार्यों में प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
निजी विश्वविद्यालय के लिए जमीन की शर्त बदली
राज्य में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने के नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले विश्वविद्यालय के लिए 10 एकड़ भूमि की शर्त थी, जिसे बदलकर 20 हजार वर्ग मीटर भूमि किया गया है। इसके साथ ही पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी।
नजूल भूमि के नियमितीकरण के लिए अभियान
प्रदेश में नजूल भूमि के नियमितीकरण को लेकर भी अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। खटीमा, बनबसा और चंपावत सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में मौजूद नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
वन भूमि से जुड़े मामलों के निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) बनाने पर भी चर्चा हुई। इन मामलों की निगरानी और समन्वय के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।
नरेंद्रनगर में खुलेगा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय
कैबिनेट ने टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोले जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट की बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बैठकें आयोजित करने से स्थानीय परिस्थितियों, क्षेत्रीय जरूरतों और विकास की संभावनाओं को सीधे शासन के स्तर पर समझने और उन पर निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
बनबसा में कैबिनेट बैठक का आयोजन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सीमांत क्षेत्र में मंत्रिमंडल की बैठक के जरिए सरकार ने दूरस्थ इलाकों से जुड़े विषयों को शासन के केंद्र में लाने की पहल की है।