Oct 04, 2026 Login

उत्तराखंडः राज्यसभा के लिए भाजपा ने खेला नया दांव! दिनेश आर्य को बनाया प्रत्याशी, नरेश बंसल की जगह अब नैनीताल के नेता पर भरोसा

Uttarakhand: BJP makes a new move for the Rajya Sabha! Dinesh Arya named candidate; party places its trust in the Nainital leader, replacing Naresh Bansal.

देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा की रिक्त होने जा रही एक सीट के लिए अपने प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने नैनीताल निवासी दिनेश आर्य के नाम पर मुहर लगाई है। पार्टी की ओर से उम्मीदवार की घोषणा के साथ ही पिछले कई दिनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। उत्तराखंड से वर्तमान राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। इसी सीट के लिए चुनाव आयोग ने द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम जारी किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 अक्टूबर को मतदान होगा और मतदान समाप्त होने के बाद उसी दिन मतगणना भी कराई जाएगी। भाजपा में राज्यसभा प्रत्याशी को लेकर पिछले कुछ समय से मंथन चल रहा था। प्रदेश स्तर पर कई नामों पर चर्चा के बाद केंद्रीय नेतृत्व को नामों का पैनल भेजा गया था। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के अनुसार, पार्टी की कोर कमेटी में करीब 24 नामों पर चर्चा के बाद 15 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया था। अब केंद्रीय चुनाव समिति ने इस पैनल में से दिनेश आर्य के नाम को अंतिम रूप दे दिया है। दिनेश आर्य लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। वह नैनीताल क्षेत्र में पार्टी की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। भाजपा सरकार में वह राज्य पेयजल अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति मोर्चे में भी उन्होंने प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी निभाई है। दिनेश आर्य की राजनीतिक सक्रियता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने नैनीताल विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के लिए दावेदारी की थी। उस समय उन्होंने स्वयं के वर्ष 2002 से भाजपा में सक्रिय होने की बात कही थी। भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने के अलावा वह नैनीताल जिले में पार्टी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ऐसे में राज्यसभा के लिए उनका नाम सामने आने के बाद पार्टी के संगठनात्मक अनुभव को भी इस चयन से जोड़कर देखा जा रहा है।