पीएम मोदी की अपील का उत्तराखंड में असरः सीएम धामी ने घटाया काफिला! स्कूटी से सचिवालय पहुंचे मंत्री, ईंधन बचत को लेकर सरकार का बड़ा संदेश

PM Modi's appeal has an impact in Uttarakhand: CM Dhami reduced the number of convoys! Ministers arrived at the Secretariat on scooters, sending a powerful message from the government regarding fuel

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से की गई ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत की अपील का असर अब उत्तराखंड में साफ दिखाई देने लगा है। प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस दिशा में पहल करते हुए न केवल ऊर्जा बचत का संदेश दिया है, बल्कि इसकी शुरुआत खुद सरकार के शीर्ष नेतृत्व से की है। बीते दिन सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में इसका स्पष्ट असर देखने को मिला। जहां एक ओर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी सरकारी वाहन के बजाय इलेक्ट्रिक स्कूटी से सचिवालय पहुंचे, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या में बड़ी कटौती कर दी है। अब तक मुख्यमंत्री के काफिले में सुरक्षा वाहनों समेत कुल 9 गाड़ियां चलती थीं, लेकिन अब इसे घटाकर 5 गाड़ियां कर दी गई हैं। इसे ऊर्जा संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में सरकार का प्रतीकात्मक लेकिन महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के सभी मंत्री सचिवालय पहुंचे। इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा कृषि मंत्री गणेश जोशी के इलेक्ट्रिक स्कूटी से पहुंचने की रही। इसे प्रधानमंत्री मोदी की अपील को व्यवहारिक रूप से लागू करने की शुरुआत माना जा रहा है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी ने स्वयं इस विषय में गंभीरता दिखाई है और मंत्रियों व अधिकारियों को ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक रहने के निर्देश दिए हैं। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने प्रधानमंत्री की अपील को समय की जरूरत बताते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सभी नागरिकों को सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी परिवार में चार वाहन हैं तो आवश्यकता के अनुसार एक ही वाहन का उपयोग किया जाए। साथ ही लोगों को साझेदारी के रूप में वाहन उपयोग करने और इलेक्ट्रिक वाहनों व इलेक्ट्रिक बसों को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

समाज कल्याण मंत्री खजानदास ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से अनुरोध करेंगे कि राजधानी के भीतर मंत्रियों के साथ चलने वाली अतिरिक्त सुरक्षा गाड़ियों को हटाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री शहर के भीतर हैं तो एक वाहन पर्याप्त है और अतिरिक्त सुरक्षा वाहन केवल बाहरी दौरे के दौरान उपयोग किए जाएं। इससे अनावश्यक ईंधन खर्च में कमी आएगी। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट का असर वैश्विक ईंधन बाजार पर पड़ रहा है। ऐसे में राष्ट्रहित और देश की आर्थिक मजबूती के लिए ऊर्जा संसाधनों का सीमित उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में तीन-चार गाड़ियां जा रही हैं तो उनकी संख्या घटाकर एक.दो कर दी जानी चाहिए। इससे ऊर्जा की बचत होगी और संदेश भी जाएगा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अपील जल्द ही धरातल पर व्यापक असर दिखाएगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और ऊर्जा संसाधनों की बचत अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के निर्देश के बाद उन्होंने तय किया है कि स्थानीय कार्यक्रमों में वे स्कूटर का उपयोग करेंगे ताकि लोगों को प्रेरणा मिल सके।