संसद में हंगामाः स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव, राहुल गांधी के हस्ताक्षर नहीं! रिजिजू ने पोस्ट किया इनसाइड वीडियो
नई दिल्ली। लोकसभा में जारी गतिरोध के बीच अब मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा के महासचिव को सौंप दिया है। इस नोटिस पर 118 सांसदों के हस्ताक्षर हैं। वहीं सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले और नेता विपक्ष राहुल गांधी का ही साइन इस नोटिस में नहीं है। जानकारी के मुताबिक संविधान केआर्टिकल 94 (सी) के तहत विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को इस प्रस्ताव का नोटिस दिया है। विपक्षी सांसदों ने स्पीकर पर भेदभाव का आरोप लगाया है। विपक्ष के स्पीकर को हटाने वाले रेजोल्यूशन में चार बिंदुओं का जिक्र किया गया है। इससे पहले लोकसभा में गतिरोध खत्म करने की कोशिश में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स के साथ बैठक भी की। गौरतलब है कि मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही जोरदार हंगामे के कारण पहले 12 और फिर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। इधर लोकसभा के महासचिव को सौंपे गए नोटिस के बाद ओम बिरला ने खुद को सदन की कार्यवाही के संचालन से अलग कर लिया है।
हंगामे पर रिजिजू ने पोस्ट किया इनसाइड वीडियो
संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध गहराता जा रहा है। राहुल गांधी के सदन में न बोलने देने का आरोप लगाकर विपक्ष हंगामा कर रहा है और अब सत्ता पक्ष ने सदन में विपक्षी सांसदों के आक्रामक व्यवहार का मुद्दा बना लिया है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू के ताजा बयान से तो ऐसा लगता है कि बीती 4 फरवरी को लोकसभा में काफी उग्र माहौल था। रिजिजू ने दावा किया कि उन्हें अपने सांसदों को विपक्षी सांसदों के साथ धक्का-मुक्की न करने को कहना पड़ा था। रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस के सांसद सत्ता पक्ष (ट्रेजरी बेंच) की तरफ चले गए थे। वे प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच गए। उन्होंने एक तरह से सत्ता पक्ष की बेंच का लगभग घेराव कर लिया था। हमें अपने भाजपा और एनडीए सांसदों को नियंत्रित करना पड़ा था। भाजपा की महिला सांसद, कांग्रेस सांसदों के इस व्यवहार से बेहद आक्रोशित थीं। हमने अपने सांसदों को धक्का-मुक्की करने से रोका। इसके बाद विपक्षी सांसद स्पीकर के चेंबर में गए और उन्हें धमकाया। भाजपा की महिला सांसदों ने शिकायत की है। देखते हैं कि स्पीकर इस पर क्या कार्रवाई करते हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया पर 4 फरवरी का लोकसभा की कार्यवाही का एक वीडियो भी साझा किया है। इस वीडियो में कांग्रेस की महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास खड़े हुए नजर आ रही हैं, जबकि सत्ता पक्ष के सांसद उनसे अपनी सीट पर जाने की अपील कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस सांसदों के हाथ में बैनर दिखाई दे रहे हैं। इस पोस्ट के साथ रिजिजू ने लिखा, कांग्रेस पार्टी अपने सांसदों के सबसे निम्न स्तर के व्यवहार पर गर्व कर रही है। अगर हमने भाजपा सांसदों को नहीं रोका होता तो हालात काफी खराब हो सकते थे।
क्यों मचा है हंगामा
दरअसल 4 फरवरी को लोकसभा में प्रधानमंत्री का संबोधन होना था, लेकिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पीएम की सुरक्षा का हवाला देकर प्रधानमंत्री का संबोधन टाल दिया। लोकसभा में पीएम मोदी शाम 5 बजे बोलने वाले थे। लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास पहुंच गईं। वे बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। जिस पर स्पीकर ने सदन को स्थगित कर दिया। पीएम सदन में नहीं आए और भाषण रद्द हो गया। अगले दिन यानी 5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि 4 फरवरी को जिस तरह का लोकसभा में माहौल था, उसमें कोई भी अप्रिय और अप्रत्याशित घटना घट सकती थी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के बिल्कुल विपरीत था।