16 महीने बाद फिर आमने-सामने होंगे मोदी-ट्रंप: जी-7 शिखर सम्मेलन में बुधवार को फ्रांस में महामुलाकात

Modi and Trump to face each other again after 16 months: High-profile meeting in France on Wednesday at the G-7 summit.

वैश्विक राजनीति के मंच से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर एक साथ मंच साझा करने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, दोनों दिग्गज नेता आगामी बुधवार यानी 17 जून को फ्रांस में आयोजित होने जा रहे ग्रुप ऑफ सेवेन शिखर सम्मेलन के इतर एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे।

करीब 16 महीने के लंबे अंतराल के बाद होने जा रही इस 'महामुलाकात' पर इस वक्त पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। रणनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक सिर्फ दो देशों के प्रमुखों की मुलाकात भर नहीं है, बल्कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं। पिछली मुलाकात से लेकर अब तक भारत और अमेरिका के आपसी रिश्तों से लेकर वैश्विक स्तर पर कई चीजें पूरी तरह बदल चुकी हैं। भू-राजनीतिक समीकरणों में आए इस बड़े बदलाव के बीच दोनों नेताओं का मिलना कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है। रक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर इस बैठक में गहन मंथन होने की उम्मीद है। इस मुलाकात के केंद्र में व्यापारिक रिश्तों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी सबसे ऊपर रहने वाला है। विशेष रूप से 'होर्मुज जलडमरूमध्य' संकट और समुद्री व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच अहम रणनीति बन सकती है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से इस संवेदनशील क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर भारत और अमेरिका का रुख क्या रहता है, इस पर सभी देशों की पैनी नजर रहेगी। फ्रांस की खूबसूरत वादियों में होने वाला यह जी-7 शिखर सम्मेलन इस बार भारत और अमेरिका की इस केमिस्ट्री की वजह से सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, बुधवार को होने वाली इस बैठक से न केवल भारत-अमेरिका संबंधों का नया रोडमैप तैयार होगा, बल्कि आतंकवाद, वैश्विक अर्थव्यवस्था और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा जैसे गंभीर मसलों पर भी दोनों देश मिलकर दुनिया को एक कड़ा संदेश दे सकते हैं। फिलहाल, इस ऐतिहासिक मुलाकात को लेकर पेरिस से लेकर दिल्ली और वाशिंगटन तक तैयारियां तेज हो गई हैं।