ज्ञानेश कुमार ने नहीं, BLO ने किया वोटर लिस्ट का सत्यापन!हमारी निष्ठा पर सवाल क्यों?वोटर लिस्ट गड़बड़ी विवाद पर महिला BLO का वीडियो हुआ वायरल!
वोटर लिस्ट में नाम काटने और कथित फर्जी वोटरों को लेकर चल रही बहस के बीच एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला BLO ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नहीं, बल्कि उन BLO की मेहनत और निष्ठा पर सवाल उठाने का है, जिन्होंने दिन-रात मेहनत करके मतदाता सूची तैयार की है।

महिला BLO का दावा है कि इस बार वोटर लिस्ट पहले के मुकाबले ज्यादा स्पष्ट और व्यवस्थित हुई है। उनके मुताबिक, BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाई, परिवारों का सत्यापन किया और ऐसे नामों की पहचान की, जिनके बारे में उन्हें संदेह था कि वे अब उस क्षेत्र में नहीं रहते या मतदाता सूची में दर्ज रहने के पात्र नहीं हैं।
वीडियो में महिला BLO कहती हैं कि पहले भी नाम काटने की प्रक्रिया में सावधानी बरतनी पड़ती थी। जब तक यह पुष्टि नहीं हो जाती थी कि कोई व्यक्ति स्थायी रूप से दूसरी जगह चला गया है या उसकी मृत्यु हो चुकी है, तब तक उसका नाम हटाने से बचा जाता था। कई बार परिवार के सदस्यों से पुष्टि मिलने के बाद ही नाम काटे जाते थे।
उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उनकी सूची में करीब 200 से 250 ऐसे मतदाता थे, जिनके नाम हटाने को लेकर पहले दबाव या असमंजस की स्थिति बनी रहती थी। उनका कहना है कि इस बार सत्यापन के बाद ऐसे नामों पर कार्रवाई की गई।
महिला BLO ने यह भी कहा कि नाम कटने की शिकायत करने वालों के लिए बाद में सत्यापन कराकर नाम दोबारा जुड़वाने का रास्ता भी खुला था और कई लोगों के नाम फिर से जोड़े गए।
उनका सवाल है कि यदि मतदाता सूची तैयार करने वाले सरकारी कर्मचारियों, जिनमें बड़ी संख्या में शिक्षक भी शामिल हैं, की मेहनत पर ही संदेह किया जाएगा, तो उनके काम पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
हालांकि, वायरल वीडियो में महिला BLO के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होती। मतदाता सूची से नाम हटाने, कथित फर्जी वोटरों और वास्तविक मतदाताओं के नाम कटने से जुड़े आरोपों की जांच आधिकारिक आंकड़ों और निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड के आधार पर ही की जा सकती है।