अंकिता भंडारी केसः रागिनी नायक का भाजपा सरकार पर बड़ा हमला, बोलीं- बेटी को न्याय दिलाने के लिए सड़क से संसद तक लड़ेगी कांग्रेस! सीबीआई जांच और कथित वीआईपी को लेकर उठाए सवाल
हरिद्वार। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने बुधवार को हरिद्वार के देवपुरा स्थित प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और पीड़ित परिवार को इंसाफ मिलने तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा। कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी। रागिनी नायक ने मामले की सीबीआई जांच पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि सरकार कथित वीआईपी से जुड़े सवालों का स्पष्ट जवाब देने के बजाय मामले को भटकाने का प्रयास कर रही है। रागिनी नायक ने भाजपा सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय मामले से जुड़े लोगों को बचाने में जुटी है। उन्होंने कथित वीआईपी का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने से जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने अंकिता भंडारी मामले में चल रही सीबीआई जांच पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ओर से सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने के बावजूद कथित वीआईपी की पहचान और भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि अज्ञात वीआईपी के खिलाफ जांच होने से संबंधित व्यक्ति को जांच के दायरे से बाहर रखने की आशंका पैदा होती है। रागिनी नायक ने बताया कि जब अंकिता भंडारी के माता-पिता दिल्ली में धरने पर बैठे थे, तब वह भी राहुल गांधी के साथ उनके समर्थन में मौजूद थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने विरोध कर रहे नेताओं को हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेता इस मामले में न्याय की मांग को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। कांग्रेस का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक वह पीछे नहीं हटेगी।
प्रेस वार्ता के दौरान रागिनी नायक ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर मतदाताओं के अधिकार प्रभावित किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि तीसरे चरण में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं। साथ ही आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ता बूथ लेवल अधिकारियों के साथ मिलकर मतदाताओं के नाम हटवाने में भूमिका निभा रहे हैं। इन दावों पर उन्होंने चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की। रागिनी नायक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए जनता को जागरूक करेगी। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग भी उठाई और कहा कि इस विषय पर कानूनी लड़ाई जारी है।