अब लाइन नहीं,ऑनलाइन गिनती:घर बैठे खुद करें जनगणना,स्व-गणना पोर्टल से आसान हुआ पूरा प्रोसेस,पोर्टल लॉगिन से अंतिम सबमिशन तक,जानिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

No More Queues—Counting Goes Online: Conduct the Census Yourself from the Comfort of Your Home; the Entire Process Made Easy via the Self-Enumeration Portal. From Portal Login to Final Submission: A

भारत में जनगणना प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जारी किए गए “स्व-गणना फ्लो चार्ट” के अनुसार अब नागरिक खुद ही ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, समय की बचत करना और लोगों को सुविधा देना है।
चार्ट के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया को चार मुख्य चरणों में बांटा गया है, जिसमें सबसे पहले पोर्टल पर लॉगिन और रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके लिए नागरिकों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने राज्य का चयन करना होगा और कैप्चा कोड भरकर लॉगिन करना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया के नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के साथ पंजीकरण किया जाएगा। खास बात यह है कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का रजिस्ट्रेशन संभव होगा।
दूसरे चरण में सत्यापन और स्थान की पहचान शामिल है। इसमें उपयोगकर्ता अपनी पसंदीदा भाषा का चयन करेंगे और ओटीपी के जरिए मोबाइल नंबर को सत्यापित करेंगे। इसके बाद अपने निवास स्थान की सटीक जानकारी देनी होगी, जिसमें जिले, पिन कोड और लोकलिटी की डिटेल भरनी होगी। साथ ही मैप पर अपने घर की लोकेशन भी चिन्हित करनी होगी, जिससे डेटा की सटीकता सुनिश्चित हो सके।
तीसरे चरण में सबसे महत्वपूर्ण कार्य यानी डेटा एंट्री और अंतिम प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। इसमें नागरिकों को प्रश्नावली भरनी होगी, जिसमें परिवार और सदस्यों से जुड़ी सभी जानकारी शामिल होगी। इसके बाद प्रीव्यू के माध्यम से भरी गई जानकारी की समीक्षा की जा सकेगी। यदि कोई गलती हो तो उसे सुधारने का मौका भी मिलेगा। पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही अंतिम सबमिशन किया जाएगा, क्योंकि एक बार डेटा सबमिट होने के बाद उसमें बदलाव संभव नहीं होगा।

 


सबमिशन के बाद सिस्टम द्वारा एक विशेष “SE ID” यानी स्व-गणना पहचान संख्या जारी की जाएगी, जो भविष्य में सत्यापन के लिए जरूरी होगी। अंतिम चरण में जब जनगणना प्रगणक (एन्यूमरेटर) घर आएंगे, तो नागरिकों को यही SE ID दिखानी होगी। यदि यह आईडी सरकारी रिकॉर्ड से मेल खाती है, तो प्रक्रिया को तुरंत स्वीकार कर लिया जाएगा, अन्यथा दोबारा सत्यापन किया जाएगा।
सरकार की इस पहल से न केवल जनगणना प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को भी लंबी प्रक्रियाओं और कागजी झंझट से राहत मिलेगी।