गैस की कमी नहीं फिर भी मचा हड़कंप: यूपी में सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें, झांसी में 524 सिलेंडरों से भरा ट्रक चोरी
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों की चिंताएं बढ़ती नजर आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और तेल-गैस आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच कई जिलों में गैस एजेंसियों पर सामान्य से अधिक भीड़ दिखाई दे रही है। हालांकि प्रशासन और एजेंसियां फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बता रही हैं, लेकिन उपभोक्ताओं में संभावित किल्लत को लेकर आशंका बनी हुई है।
दरअसल, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा यूनाइटेड स्टेट की सक्रियता के कारण खाड़ी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसके चलते पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में लोग एहतियात के तौर पर पहले से गैस सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं।
प्रदेश के नोएडा वाराणसी रामपुर और झांसी जैसे शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। कई जगह उपभोक्ता सिलेंडर मिलने में देरी और संभावित कीमत वृद्धि की आशंका को लेकर चिंतित नजर आए। हालांकि केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा चुकी हैं।
इसी बीच झांसी में एलपीजी सिलेंडरों से भरे एक ट्रक के चोरी होने की घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक ट्रक में करीब 524 भरे हुए सिलेंडर लदे थे, जिनकी कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है। यह ट्रक भारत पेट्रोलियम के प्लांट से जुड़ा हुआ था और कानपुर देहात के गजनेर क्षेत्र में सिलेंडर पहुंचाने के लिए रवाना होना था। बताया जा रहा है कि होली के चलते ड्राइवर ट्रक को प्लांट के बाहर खड़ा कर घर चला गया था। कुछ दिनों बाद ट्रक झांसी के पास खाली हालत में मिला, जबकि उसमें लदे सिलेंडर गायब थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक सिलेंडरों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
रामपुर में भी गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि एजेंसी प्रबंधन का कहना है कि जिले में गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है। इसके बावजूद कई लोग आशंका के चलते पहले से ही सिलेंडर लेने की कोशिश कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ती कीमतों की खबरों का असर उनके घरेलू बजट पर पड़ने लगा है।
वाराणसी में भी कुछ गैस एजेंसियों पर सामान्य से अधिक भीड़ दर्ज की गई। यहां कई उपभोक्ता सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन की अनिवार्य अवधि को लेकर नाराजगी जताते दिखे। उनका कहना है कि परिवार के उपयोग के हिसाब से कई बार एक सिलेंडर 25 दिन तक चलाना मुश्किल हो जाता है। एजेंसी कर्मचारियों के मुताबिक फिलहाल स्थिति पूरी तरह संकटपूर्ण नहीं है, लेकिन सिलेंडरों की सप्लाई सामान्य दिनों के मुकाबले कुछ कम जरूर पहुंच रही है।
नोएडा में भी बीते कुछ दिनों में गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है। एजेंसी संचालकों के अनुसार लोग संभावित किल्लत या कीमत बढ़ने की आशंका के कारण जल्दी-जल्दी सिलेंडर भरवाने पहुंच रहे हैं। वहीं जिला आपूर्ति विभाग ने आधिकारिक तौर पर गैस की किसी बड़ी कमी से इनकार किया है।
गैस सिलेंडरों की मांग बढ़ने के साथ ही कुछ जगहों पर कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जहां सामान्य दिनों में सिलेंडर करीब 1050 रुपये में मिल जाता था, वहीं कुछ स्थानों पर इसे 1200 से 1500 रुपये तक में बेचे जाने की चर्चा है। एजेंसियों का कहना है कि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए अब सिलेंडर डिलीवरी के दौरान ओटीपी प्रणाली का कड़ाई से पालन किया जा रहा है और बिना ओटीपी के सिलेंडर नहीं दिया जा रहा है।