Oct 06, 2026 Login
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उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेशः पीसीएस (ज्यूडिशियरी) मुख्य परीक्षा में दो याचिकाकर्ताओं को मिली अंतरिम राहत! परीक्षा में बैठने की मिली अनुमति

Uttarakhand High Court issues major order: Two petitioners granted interim relief from the PCS (Judiciary) Main Examination! Permission granted to appear in the examination.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पीसीएस (ज्यूडिशियरी) की कल मंगलवार को हो रही मुख्य परीक्षा में शामिल होने की दो याचिकाकर्ताओं को अंतरिम अनुमति दी है। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में याचिकाकर्ता अंशुका भंडारी और अनुश्री खत्री ने याचिका दायर कर कहा है कि उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूके पीएसी) द्वारा आयोजित प्रारंभिक परीक्षा 31 अगस्त, 2025 को हुई और उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली थी। उन्होंने 83 सफल उम्मीदवारों के साथ मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए परीक्षा शुल्क जमा कर लिया था। किंतु प्री परीक्षा में पूछे गए कुछ प्रश्नों को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्री परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन के निर्देश दिए। जिसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उन्हें प्री परीक्षा की मेरिट सूची से हटा दिया। याचिका में कहा गया है कि जिन उम्मीदवारों को पहले ही प्री परीक्षा में सफल घोषित किया जा चुका था, उनकी स्थिति में बदलाव करना सुप्रीम कोर्ट के स्थापित फैसलों के विपरीत है। उन्होंने विशेष रूप से रण विजय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और हरि किशन बनाम राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला दिया। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने इसी तरह के मामलों में प्री परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को अंतरिम रूप से मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी। इस आधार पर हाईकोर्ट ने इन दोनों याचिकाकर्ताओं को मुख्य परीक्षा में बैठने की अंतरिम अनुमति दे दी है।