पंतनगर विश्वविद्यालय में धान रोपाई के साथ नए फसल वर्ष का शुभारंभ! कुलपति ने खेत में उतरकर बढ़ाया किसानों का उत्साह

New crop year kicks off with paddy transplantation at Pantnagar University! Vice-Chancellor boosts farmers' morale by stepping into the field.

पंतनगर। गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में नए फसल वर्ष का शुभारंभ पारंपरिक रीति-रिवाजों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच धान रोपाई के साथ किया गया। विश्वविद्यालय फार्म के बेनी प्रक्षेत्र स्थित एन खंड में आयोजित कार्यक्रम में कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने स्वयं खेत में उतरकर धान की रोपाई की और कृषि श्रमिकों के साथ श्रमदान कर खेती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महिला कृषि श्रमिक नीलम देवी और मंजू देवी द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद कुलपति ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धान की रोपाई में सहभागिता कर खरीफ फसल सत्र की औपचारिक शुरुआत की। खेत में कुलपति की सक्रिय भागीदारी ने कृषि श्रमिकों और कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया। विश्वविद्यालय फार्म के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. राजेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस वर्ष विश्वविद्यालय फार्म में लगभग 210 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान के बीज का उत्पादन किया जाएगा। इसके साथ ही दलहन और तिलहन फसलों के गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि कुलपति के मार्गदर्शन में कृषि क्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बीज उत्पादन कार्यक्रमों का विस्तार किया जा रहा है। डॉ. सिंह ने जानकारी दी कि पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वहां के लिए अनुशंसित विशेष प्रजातियों के बीज उत्पादन कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है। इससे पर्वतीय किसानों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध हो सकेंगे और उनकी उत्पादकता में वृद्धि होगी। जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी विश्वविद्यालय ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बेनी प्रक्षेत्र के टी खंड में 25 एकड़ भूमि को जैविक बीज उत्पादन के लिए चिन्हित किया गया है। यहां ढैंचा बीज उत्पादन का कार्य किया जाएगा, जिससे प्राकृतिक खेती और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इस अवसर पर कुलपति डॉ. शिवेन्द्र कुमार कश्यप ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और कृषि श्रमिकों को नए फसल वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए बेहतर उत्पादन की कामना की। उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय राज्य की कृषि जरूरतों और किसानों की अपेक्षाओं के अनुरूप अनुसंधान एवं बीज उत्पादन कार्यक्रम संचालित कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय भविष्य में भी उत्तराखंड की गुणवत्तायुक्त बीज आवश्यकताओं की पूर्ति में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने महिला कृषि श्रमिकों से संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना तथा उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। धान रोपाई के साथ शुरू हुआ यह नया फसल वर्ष कृषि विकास, नवाचार और आत्मनिर्भर खेती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।