बड़ी खबरः संसद में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा! सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, प्रियंका गांधी बोलीं- प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना पड़ेगा

Big News: Anti-paper leak bill debated in Parliament! Ruling party and opposition clash; Priyanka Gandhi says the Prime Minister needs to change his heart's angle, not just the camera angle.

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से जारी गतिरोध के बाद आखिरकार सदन का कामकाज पटरी पर लौटता नजर आया। नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर लगातार हंगामे के बाद मंगलवार को लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा शुरू हुई। चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार पर जमकर निशाना साधा, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से भी विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया गया। संसद का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें की थीं। इसके बाद सदन में चर्चा का रास्ता साफ हुआ। बिल पर चर्चा के लिए छह घंटे का समय निर्धारित किया गया है। हालांकि, जरूरत पड़ने पर सदन की सहमति से चर्चा का समय बढ़ाया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को ही यह विधेयक लोकसभा में पेश किया था, लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण उस समय चर्चा नहीं हो सकी थी। चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मासूम छात्रों पर लाठियां चलाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि सरकार जेन-जी का भरोसा जीतना चाहती है तो केवल नए वीडियो या नए अंदाज से काम नहीं चलेगा, बल्कि युवाओं की समस्याओं को समझना होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को सड़क से हटाया जा सकता है, लेकिन उनकी जायज मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले पेपर लीक विरोधी कानून के बाद भी दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए केवल नई कमेटियां बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की जरूरत है। शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर उनकी एक टिप्पणी पर सदन में हंगामा हो गया।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी से बयान पर माफी मांगने की मांग की। शिक्षा मंत्री ने भी आरोपों को साबित करने या माफी मांगने की बात कही, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद पर चोट की है। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बंद होने, शिक्षक भर्ती और पेपर लीक के मुद्दे उठाते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य और रोजगार से जुड़े सवालों का समाधान जरूरी है। उन्होंने नीट विवाद से प्रभावित छात्रों के लिए मुआवजे की मांग का भी समर्थन किया। अखिलेश यादव ने कहा कि यदि सरकार पहले ही कानून लेकर आई थी तो उसके बावजूद पेपर लीक क्यों हुआ। उन्होंने आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में जो हुआ, वह आपातकाल से कम नहीं था। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो यही युवा भविष्य में बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे और गुप्तदान की कथित चोरी का भी जिक्र किया, जिस पर सदन में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।

वहीं शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि युवा अपने भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक के बाद सरकार ने तत्काल कार्रवाई की, कई गिरफ्तारियां हुईं और एनटीए के 47 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त की गईं। उन्होंने कहा कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की गई है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ हुई कथित ज्यादतियों को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने सरकार से इस मामले में गृह मंत्री के जवाब की मांग की। एंटी पेपर लीक बिल पर लोकसभा में देर रात तक चर्चा चलने की संभावना है। हालांकि, मंगलवार को इसके पारित होने की संभावना कम बताई जा रही है। अब माना जा रहा है कि बिल पर बुधवार को आगे की कार्रवाई हो सकती है। इस बीच, संसद में हुई बहस ने एक बार फिर पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था, छात्रों के अधिकार और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को सामने ला दिया है।