उत्तर भारत में कुदरत का 'यू-टर्न': आंधी-बारिश और ओलों से बदला मौसम का मिजाज, पारा 5 डिग्री सेल्सियस लुढ़का,आज भी भारी अलर्ट
नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम भारत में भीषण गर्मी के बीच सोमवार को मौसम ने अचानक ऐसी करवट ली कि लोगों को चिलचिलाती धूप से राहत मिल गई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के बड़े हिस्से में आंधी-तूफान के साथ झमाझम बारिश हुई। कहीं धूल भरी आंधी चली तो कहीं बर्फ के गोलों (ओलावृष्टि) ने धरती को ढंक दिया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत का यह सिलसिला आज (मंगलवार) भी जारी रहेगा और कई राज्यों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पिछले कुछ दिनों से तप रहे मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पंजाब समेत कई राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई है। सोमवार को कई इलाकों में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि कुछ स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके अलावा उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश और तेलंगाना में भी ओलावृष्टि देखने को मिली। वहीं पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम में इस बदलाव के चलते अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है। कई राज्यों में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। हालांकि राजस्थान और कुछ अन्य क्षेत्रों में अब भी तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि मंगलवार को भी उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि जारी रह सकती है। खासतौर पर दिल्ली एनसीआर, जिसमें गाजियाबाद, नोएडा और हापुड़ शामिल हैं, वहां बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। जहां एक ओर इस बदलाव से गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए चिंता बढ़ गई है, क्योंकि तेज हवाओं और ओलों से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।