Oct 26, 2026 Login
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नैनीताल/हल्द्वानी:धारचूला से हल्द्वानी तक गूंजा अंतरराष्ट्रीय रं ल्वू ज्या पर्व! रं भाषा, लिपि और विरासत के संरक्षण का जीवंत उदाहरण बना ये पर्व

Nainital/Haldwani: The international Ran Lwu Jya festival resonated from Dharchula to Haldwani! This festival became a vibrant example of the preservation of the Ran language, script, and heritage.

रं कल्याण संस्था, शाखा हल्द्वानी के तत्वावधान में आज 10 जनवरी 2026 को रं मिलन केंद्र, हल्द्वानी में अपने समुदाय की रं भाषा एवं संस्कृति के संरक्षण को समर्पित अंतरराष्ट्रीय रं ल्वू ज्या पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

 


1980 के दशक में नंदन सिंह लाला एवं रं समुदाय के विद्वानों द्वारा व्यापक विचार-विमर्श के उपरांत रं भाषा के लिए एक स्वतंत्र लिपि के निर्माण की आवश्यकता महसूस की गई।

इसी क्रम में सम्मानजनक परितोष की घोषणा के साथ रंग लिपि की खोज तथा उसके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से नंदन न्यास की स्थापना की गई। हालांकि लिपि समय पर पूर्ण रूप से तैयार न हो पाने के कारण विगत कुछ वर्षों से रंग कल्याण संस्था द्वारा रं भाषा और संस्कृति के संरक्षण हेतु नंदन सिंह लाला की जन्मतिथि पर प्रतिवर्ष रं ल्वू ज्या पर्व मनाया जा रहा है। इस दिवस की विशेषता यह है कि कार्यक्रम के दौरान केवल रं भाषा का ही प्रयोग किया जाता है।


इस अवसर पर संस्था के सदस्य एवं जिला अस्पताल बी.डी. पांडे, हल्द्वानी के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. दुग्ताल ने कहा कि यह पर्व समुदाय की भावी पीढ़ी को अपनी जड़ों, इतिहास और भाषा की महत्ता से जोड़ने का सशक्त माध्यम है, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा सकें।
रं समुदाय के लोग अपने मूल स्थान धारचूला के साथ-साथ देहरादून (केंद्रीय शाखा), लखनऊ, हल्द्वानी, बरेली, पिथौरागढ़, दार्चुला सहित देश के विभिन्न हिस्सों एवं विदेशों में भी इस पर्व को बड़े उत्साह और जोश के साथ मनाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पारंपरिक झांकियों और सामूहिक आयोजनों के माध्यम से समुदाय अपनी समृद्ध संस्कृति का प्रदर्शन करता है।
आज हल्द्वानी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय रं ल्वू ज्या कार्यक्रम देव सिंह दरियादल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में द्रौपदी गरबयाल, कुसुम गरबयाल, जगदीश सिंह ह्यांकि, चंद्र सिंह सिपाल, उत्तम सिंह नबियाल, ईश्वर कुटियाल, राम सिंह सोनल, डॉ. गोविंद तितीयाल, जीवन सिपाल, सीमा नगन्याल एवं अंजू कुटियाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।