नैनीताल:मनरेगा फंड घोटाले के आरोप पर हाईकोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए मजदूरों को दी पंचायत राज एक्ट के तहत शिकायत दर्ज कराने की सलाह
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने देहरादून जिले के कालसी विकासखंड के ग्राम खाती में मनरेगा फंड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले का निस्तारण करते हुए कहा कि प्रभावित मजदूर अपनी शिकायत उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम की धारा 91 की उपधाराओं के तहत दर्ज करा सकते हैं।
यह मामला ग्राम खाती निवासी गोपाल सिंह द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें ग्राम प्रधान पर मनरेगा योजना के तहत आवंटित विकास कार्यों में अनियमितता और फंड के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए थे। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2024 में ग्राम में विभिन्न विकास कार्य प्रस्तावित थे, जिनके तहत बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराया जाना था और उनके जॉब कार्ड भी तैयार किए गए थे।
हालांकि आरोप है कि ग्राम प्रधान ने पात्र मजदूरों को रोजगार देने के बजाय अपने करीबी लोगों को लाभ पहुंचाया। इसके लिए कथित तौर पर फर्जी मस्टर रोल तैयार कर सरकारी भुगतान किया गया, जिनमें कुछ नाम ऐसे भी शामिल थे जो सरकारी विभागों में कार्यरत बताए गए हैं।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि इस प्रक्रिया से न केवल मनरेगा के नियमों का उल्लंघन हुआ, बल्कि वास्तविक लाभार्थियों के अधिकारों का भी हनन हुआ। मामले की शिकायत संबंधित विभागों से की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में प्रभावित मजदूरों के पास पंचायतीराज अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराने का वैधानिक प्रावधान उपलब्ध है, जिसका उपयोग किया जाना चाहिए।