नैनीताल:VIP मूवमेंट से घंटों जाम!व्यापार मंडल अध्यक्ष ने प्रशासन से की विशेष अपील,प्रोटोकॉल भी रहे,स्थानीय और पर्यटक भी न हों परेशान
नैनीताल में पर्यटन सीजन के दौरान बढ़ते वीआईपी मूवमेंट को लेकर नयना देवी व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन ने प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन, विशेषकर वीकेंड पर होने वाले वीआईपी दौरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और पर्यटन गतिविधियों पर गहरा असर डालते हैं, जिससे पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की इसमें कोई व्यक्तिगत गलती नहीं होती, क्योंकि उन्हें प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाएं संभालनी पड़ती हैं। लेकिन शनिवार और रविवार जैसे दिनों में, जब नैनीताल में पर्यटकों की संख्या अत्यधिक होती है और पहले से ही रूट डायवर्जन लागू रहते हैं, उस समय वीआईपी मूवमेंट के कारण शहर में जाम और अव्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पुनीत टंडन ने कहा कि वर्षों से नैनीताल में यह स्थिति देखी जा रही है कि वीकेंड पर वीआईपी मूवमेंट अधिक रहता है, जिससे ट्रैफिक कई घंटों तक प्रभावित होता है। इसका सीधा असर पर्यटन व्यवसाय पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नैनीताल का पूरा व्यापार काफी हद तक पर्यटन सीजन पर निर्भर करता है और जब लंबे समय तक यातायात बाधित रहता है तो कई पर्यटक शहर में प्रवेश करने से पहले ही वापस लौट जाते हैं या वैकल्पिक स्थानों की ओर रुख कर लेते हैं।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनका परिवार पिछले लगभग सवा सौ वर्षों से नैनीताल में रह रहा है और वह स्वयं शहर की पुरानी व्यवसायिक परिवारों में से एक से संबंध रखते हैं। ऐसे में शहर और स्थानीय व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना अपना दायित्व समझते हैं।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि नैनीताल आने वाले सभी माननीय अतिथियों का शहर हमेशा स्वागत करता है, लेकिन यदि संभव हो तो वीकेंड के दौरान वीआईपी कार्यक्रमों से बचा जाए और इन्हें वीकडेज़ में आयोजित किया जाए, ताकि व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संभाली जा सकें और पर्यटकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे प्रोटोकॉल भी प्रभावित न हो और पर्यटन नगरी की यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे। साथ ही उन्होंने कहा कि यह अपील पूरी तरह रचनात्मक भावना से की जा रही है और इसे व्यापारी वर्ग तथा स्थानीय नागरिकों की सामूहिक चिंता के रूप में देखा जाना चाहिए।