उत्तराखण्डः कब्र से निकाला गया युवक का शव! हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा होगा पोस्टमार्टम! हत्या, हादसा या साजिश? मेडिकल पैनल की रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज

Uttarakhand: Young man's body exhumed from grave! High Court orders second postmortem! Murder, accident, or conspiracy? Medical panel's report will reveal the mystery of death.

काशीपुर। ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में उत्तराखण्ड हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने कब्र में दफन किए गए एक युवक के शव को बाहर निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है। इस असामान्य कार्रवाई को पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ अंजाम दिया गया। मामला काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र का है, जहां 16 मई को एक युवक अपने घर की छत पर मृत अवस्था में मिला था। परिजनों के अनुसार शव के आसपास खून फैला हुआ था और युवक के कान के नीचे चोट के निशान भी पाए गए थे। प्रारंभिक पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया था, लेकिन मृतक के पिता इमरान ने बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने अदालत से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए हत्या की आशंका जताई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने शव को कब्र से निकालकर पुनः पोस्टमार्टम कराने और रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करते हुए शव को कब्र से बाहर निकाला। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई गई और मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए शव को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर आगे की जांच के लिए भेजा गया है। वहीं फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने भी मौके पर निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। अब शव को सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल दोबारा पोस्टमार्टम करेगा। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों पर से पर्दा उठ सकता है। यदि जांच में हत्या, लापरवाही या अन्य संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच का महत्वपूर्ण आधार बनेगी। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि इस मामले की अगली सुनवाई 15 जून को प्रस्तावित है। उससे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट अदालत में पेश की जानी है। ऐसे में अब पूरे मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं कि आखिर युवक की मौत दुर्घटना थी, आत्महत्या थी या फिर वास्तव में किसी साजिश के तहत उसकी हत्या की गई थी।