नैनीतालः ज़ू शटल सेवा के लिए टेंडर धनराशि बंटवारे का मामला! हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को दिए निर्देश, कहा- पालिका में नियुक्त हो ऑडिटर
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट में नैनीताल पालिका और कैंट बोर्ड के बीच ज़ू शटल सेवा के लिए टेंडर धनराशि बंटवारे के मामले में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने जिलाधिकारी नैनीताल को आदेश दिए है कि पालिका और छावनी परिषद के बीच चल रहे विवाद में मध्यस्थता कर समस्या का समाधान करें। कोर्ट ने राज्य सरकार से नैनीताल पालिका में आय-व्यय की जांच के लिए ऑडिटर नियुक्त करने को कहा है। वहीं अशोक सिनेमा में पार्किंग निर्माण पर कोर्ट ने पूछा है कि क्या इससे पालिका की आय बढ़ सकती है। इसके लिए नया प्रपोजल तैयार करें, ताकि पार्किंग निर्माण किया जा सके। बता दें कि नगर पालिका नैनीताल द्वारा मॉलरोड से ज़ू तक के लिए शटल सेवा का टेंडर किया गया। जिसके बाद छावनी परिषद ने पालिका से शटल सेवा में छावनी की भूमि का उपयोग करने पर टेंडर के एक तिहाई हिस्से की मांग की थी। जिसके खिलाफ नैनीताल पालिका ने कोर्ट की शरण ली थी कैंट बोर्ड के नोटिस को चुनौती कोर्ट में दी गई। आज हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट में पालिका की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि उनकी 14 करोड़ को देनदारी है, लेकिन ये नहीं बताया कि कितनी आय पालिका को हो रही है, जिस पर कोर्ट ने पालिका में ऑडिटर नियुक्त करने और सभी आय-व्यय की जांच के आदेश दिए हैं।