Sep 01, 2026 Login

उत्तराखण्ड में आसमान से बरसी आफतः गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक हाहाकार! कहीं भूस्खलन ने मचाया कहर, तो कहीं नदियों के रौद्र रूप ने मचाई तबाही! प्रशासनिक तंत्र अलर्ट

Disaster rains down from the skies in Uttarakhand: Chaos reigns from Garhwal to Kumaon! Landslides have wreaked havoc in some areas, while raging rivers have caused devastation in others; the adminis

देहरादून/अल्मोड़ा/हल्द्वानी। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने मंगलवार को कई इलाकों में तबाही मचा दी। पहाड़ से खिसकता मलबा, उफनती नदियां और बरसाती नालों का तेज बहाव लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ा। अल्मोड़ा में बारिश के बाद मकान में मलबा घुसने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि धार की तुनी में निर्माणाधीन दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई। वहीं उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर कोलहू नदी पार करते समय पति-पत्नी और उनकी गोद में मौजूद बच्ची तेज बहाव में बह गए। देहरादून में बरसाती पानी के तेज बहाव में क्रेटा कार बहने से एक युवक और एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक युवती को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। हल्द्वानी के चित्रशिला घाट पर भी गौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अंतिम संस्कार के लिए रखे दो शव बह गए।

अल्मोड़ा में मकान में घुसा मलबा, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
हवालबाग विकासखंड की उडयूडा ग्राम पंचायत में मंगलवार सुबह बारिश के बाद पहाड़ी से भारी मलबा खिसककर एक आवासीय मकान में जा घुसा। मलबे की चपेट में आने से घर के भीतर मौजूद तीन लोग दब गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, एसडीआरएफ और जिला आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद तीनों को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान प्रेमा देवी (41) पत्नी राजेंद्र राम, मनीष (17) पुत्र राजेंद्र राम और कल्पना (19) पुत्री राजेंद्र राम के रूप में हुई है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।

धार की तुनी में दीवार गिरी, दो नेपाली मजदूरों की मौत
अल्मोड़ा के धार की तुनी क्षेत्र में भी मंगलवार को निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अचानक एक दीवार भरभराकर गिर गई और उसके मलबे में दो नेपाली मजदूर दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। बचाव दल ने मलबा हटाकर दोनों मजदूरों को बाहर निकाला, लेकिन दोनों की मौत हो चुकी थी। आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल के अनुसार घटनास्थल का जायजा लिया जा रहा है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। अल्मोड़ा में एक ही दिन में दो अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत ने जिले को झकझोर दिया है।

कोलहू नदी में बहा परिवार, मां-बेटी की मौत
उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर कोलहू नदी पार करते समय भी एक परिवार हादसे का शिकार हो गया। बताया जा रहा है कि कोटद्वार के भाबर क्षेत्र का परिवार यूपी के बगनाला गांव से बाइक से वापस घर लौट रहा था। इसी दौरान नदी पार करते समय पानी का बहाव अचानक तेज हो गया। पति-पत्नी और गोद में बच्ची नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की मदद से व्यक्ति को बचा लिया गया, लेकिन मां और बेटी बह गईं। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च अभियान शुरू किया। कई घंटे की तलाश के बाद मां-बेटी के शव बरामद कर लिए गए।

चित्रशिला घाट पर अंतिम संस्कार से पहले ही बह गए दो शव
हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित रानीबाग के चित्रशिला घाट पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब अचानक गौला नदी का जलस्तर बढ़ गया। तेज बहाव का पानी नदी किनारे तक पहुंच गया और अंतिम संस्कार के लिए रखे दो शव इसकी चपेट में आ गए। जानकारी के मुताबिक एक परिवार रुद्रपुर और दूसरा गौलापार से अंतिम संस्कार के लिए चित्रशिला घाट पहुंचा था। दोनों शव चिता के लिए नदी किनारे रखे गए थे। इसी दौरान तेज बारिश के कारण गौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा और दोनों शव बहाव में बह गए। घटना से घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि इस दौरान कोई व्यक्ति नदी की चपेट में नहीं आया। एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि दोनों शवों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि नदी का बहाव काफी तेज है और हादसा अचानक बढ़े जलस्तर के कारण हुआ।

देहरादून में तेज बहाव में बही क्रेटा, दो की मौत
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में भी देर रात भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हुआ। लोअर कंडोली, पौंधा रोड स्थित कंडोली पुल के पास क्रेटा कार संख्या RJ 13 CE 5641 तेज बरसाती बहाव में बह गई। सूचना मिलते ही डाकपत्थर से एसडीआरएफ टीम अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। टीम ने रात में ही सर्चिंग और रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया। बताया गया कि कार में एक युवक और दो युवतियां सवार थीं। प्रतिकूल परिस्थितियों और तेज बहाव के बीच एसडीआरएफ जवानों ने पूरी रात तलाश अभियान चलाया। घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर सहज पुत्री गुलशन बवेजा घायल अवस्था में मिलीं। टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर पुलिस के सुपुर्द किया। सर्चिंग के दौरान कार सवार अक्षय पुत्र मुकेश, उम्र 20 वर्ष, निवासी जयपुर, राजस्थान और एक अन्य युवती का शव बरामद किया गया। दोनों शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

भारी बारिश ने बढ़ाई आपदा की चुनौती
उत्तराखंड में एक के बाद एक सामने आए इन हादसों ने भारी बारिश के दौरान पहाड़ से मैदान तक बढ़ते खतरे की गंभीर तस्वीर सामने रख दी है। पहाड़ी इलाकों में मलबा और भूस्खलन लोगों के लिए खतरा बन रहा है तो वहीं नदियों और बरसाती नालों का अचानक बढ़ता जलस्तर जानलेवा साबित हो रहा है। इन घटनाओं के बीच प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं। लेकिन घटनाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि बारिश के दौरान नदी-नालों और संवेदनशील ढलानों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बेहद जरूरी है। बारिश के इस दौर में लोगों से नदी, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की जा रही है।