नैनीताल:उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता लोकेंद्र डोभाल का निधन,वरिष्ठ अधिवक्ता बनने के बाद एक दिन भी कोर्ट में नहीं कर सके बहस

Nainital: Senior advocate of Uttarakhand High Court Lokendra Doval passes away; he could not argue in court even for a single day after becoming a senior advocate.

नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता लोकेंद्र डोभाल का मंगलवार देर सायं निधन हो गया। उनके निधन से उत्तराखंड के न्यायिक और अधिवक्ता समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई। वे पिछले लगभग एक माह से दिल्ली में हृदय रोग का उपचार करा रहे थे। हाल ही में उनकी हृदय संबंधी सर्जरी भी हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। निधन के समय उनकी आयु लगभग 65 वर्ष थी।

लोकेंद्र डोभाल उत्तराखंड हाईकोर्ट के प्रतिष्ठित अधिवक्ताओं में गिने जाते थे। हाल ही में उन्हें हाईकोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) का दर्जा प्रदान किया गया था। हालांकि नियति का यह बेहद दुखद संयोग रहा कि जिस दिन उन्हें यह सम्मान मिला, उसी दिन उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद वे स्वास्थ्य कारणों से दोबारा न्यायालय नहीं लौट सके और वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में एक दिन भी अदालत में बहस नहीं कर पाए।

वे एक प्रतिष्ठित विधिक परिवार से जुड़े थे। उनके छोटे भाई राजेंद्र डोभाल भी उत्तराखंड हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि उनके पुत्र देवांग डोभाल हाईकोर्ट में अधिवक्ता के रूप में कार्यरत हैं। उनके दूसरे पुत्र दंत चिकित्सक हैं। उनके पिता भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रसिद्ध अधिवक्ता रहे थे।

नैनीताल के मल्लीताल स्थित ओक पार्क क्षेत्र में उनका निवास था, जबकि उनका पैतृक निवास टिहरी जनपद में था।

लोकेंद्र डोभाल के निधन पर अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखंड की न्यायिक बिरादरी के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।