नैनीतालः एसडीएम और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पर कुमाऊं कमिश्नर का औचक निरीक्षण! 20 साल से लंबित राजस्व मामलों में लापरवाही पर बिफरे, तलब किया स्पष्टीकरण

Nainital: Kumaon Commissioner conducts surprise inspection of SDM and Sub-Registrar offices! Dismayed by negligence in handling revenue matters pending for 20 years, demands explanation.

नैनीताल। कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने आज एसडीएम कार्यालय और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने वर्षों से लंबित पड़े राजस्व मामलों और रिकॉर्ड व्यवस्था में भारी लापरवाही पर नाराज़गी जताई। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। कमिश्नर दीपक रावत ने बताया कि एसडीएम कार्यालय का निरीक्षण पहले से निर्धारित था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि धारा 229-बी के कई मामले 13 से 20 वर्षों से लंबित पड़े हैं। इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में किसी भी कीमत पर लंबी तारीख न दी जाए। मामलों में छोटी-छोटी तारीखें लगाकर जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने धारा 176 के बंटवारे से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। कमिश्नर ने कहा कि पहले भी निर्देश दिए गए थे कि जिन मामलों में प्रारंभिक आदेश जारी हो चुके हैं, वहां लेखपाल और पटवारी समय पर कुर्रे तैयार करें। लेकिन निरीक्षण में पाया गया कि कई मामलों में आदेश होने के बावजूद भी कुर्रे तैयार नहीं किए गए। इस पर उन्होंने एसडीएम को निर्देश दिए कि संबंधित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने धारा 143 से जुड़े मामलों की भी जांच की बात कही। उन्होंने कहा कि जिन आवेदनों में अत्यधिक देरी पाई जाएगीए उनमें जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के निरीक्षण में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। दीपक रावत ने बताया कि रजिस्ट्री होने के बाद आवेदक को मिलने वाली मूल प्रति के रखरखाव की व्यवस्था बेहद खराब पाई गई। यहां तक कि पर्चियों का भी कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं रखा गया था। कई मामलों में रजिस्टर में यह दर्ज था कि दस्तावेज आवेदक ने प्राप्त नहीं किए, लेकिन जब रिकॉर्ड निकलवाने की कोशिश की गई तो संबंधित रजिस्ट्री ही नहीं मिली। इस मामले को गंभीर मानते हुए कमिश्नर ने सब-रजिस्ट्रार से स्पष्टीकरण तलब किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।