नैनीतालः होमस्टे या मिनी होटल, घरेलू छूट लेकर चला रहे थे कमर्शियल कारोबार! रजिस्टर्ड-अनरजिस्टर्ड सभी की होगी जांच, डीएम ने दिए जांच के निर्देश

Nainital: Homestays and mini-hotels were operating commercial businesses using domestic exemptions! All registered and unregistered businesses will be investigated, the DM has ordered an investigatio

नैनीताल। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में होमस्टे संचालन को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि राज्य सरकार की होमस्टे नीति का उद्देश्य सीमित आतिथ्य सत्कार और स्थानीय परिवारों की अतिरिक्त आय बढ़ाना था, लेकिन कई स्थानों से नीति के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आ रही हैं। डीएम रयाल ने कहा कि मूल रूप से होमस्टे योजना इस सोच के साथ बनाई गई थी कि संबंधित परिवार उसी भवन में निवास करेगा, मेहमानों को पारंपरिक स्थानीय खानपान और संस्कृति का अनुभव मिलेगा तथा यह पूरी तरह व्यावसायिक गतिविधि के बजाय अतिरिक्त आय का माध्यम होगा। इसी उद्देश्य को देखते हुए होमस्टे संचालन में घरेलू बिजली दरों और जीएसटी समेत कुछ छूट भी प्रदान की गई थी। हालांकि प्रशासन को ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कई स्थानों पर होमस्टे पूरी तरह व्यावसायिक मॉडल पर संचालित किए जा रहे हैं। डीएम के अनुसार कुछ प्रतिष्ठानों में स्टाफ नियुक्त किया गया है और होटल व गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो होमस्टे नीति की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी होमस्टे में गतिविधियां पूर्ण रूप से व्यावसायिक स्वरूप में संचालित हो रही हैं, तो उन्हें कमर्शियल एक्टिविटी की श्रेणी में माना जाएगा। इसी को देखते हुए पर्यटन विभाग को जनपद में संचालित सभी रजिस्टर्ड और अनरजिस्टर्ड होमस्टे की जांच और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की तैयारी में है कि होमस्टे नीति का लाभ केवल वास्तविक पात्र लोगों को मिले और व्यावसायिक गतिविधियों को नियमानुसार संचालित किया जाए।