नैनीताल:टैक्सी पास को लेकर भेदभाव के आरोप!बाहर की टैक्सियों के पास जारी,लेकिन स्थानीय टैक्सी चालकों के साथ अन्याय! हाईकोर्ट ने मांगा पालिका का पक्ष
नैनीताल।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नगरपालिका नैनीताल द्वारा स्थानीय टैक्सी यूनियन को पास जारी न किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने नगर पालिका को निर्देश दिया है कि यूनियन द्वारा दिए गए प्रत्यावेदन पर विधिवत विचार किया जाए। इसके साथ ही कोर्ट ने इस याचिका को पूर्व से लंबित जनहित याचिका के साथ टैग करते हुए खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया है। अब इस मामले में आगामी 12 मई को खंडपीठ सुनवाई करेगी।
याचिका के अनुसार तल्लीताल टैक्सी यूनियन ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सियों को नगर क्षेत्र में प्रवेश के लिए पास जारी नहीं किए जा रहे हैं। जबकि इन वाहनों से लेकब्रिज चुंगी पर शहर में प्रवेश के लिए 200 रुपये वसूले जा रहे हैं। वहीं, यूनियन का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों की टैक्सियों को नगर पालिका द्वारा पास जारी किए जा रहे हैं, जबकि स्थानीय निवासियों को इससे वंचित रखा जा रहा है, जो कि भेदभावपूर्ण व्यवहार है।
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में नगर पालिका को पूर्व में प्रत्यावेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। यूनियन ने कोर्ट से मांग की है कि नगर पालिका को स्थानीय टैक्सी संचालकों के पक्ष में पास जारी करने के निर्देश दिए जाएं