नैनीताल ब्रेकिंगः टोल टैक्स टेंडर से शुरू हुआ विवाद अब कूड़ा निस्तारण, स्ट्रीट लाइट और निविदाओं तक पहुंचा! अध्यक्ष सरस्वती खेतवाल के जवाब से नहीं थमे सवाल, सभासदों ने मांगा हर फैसले का हिसाब

Nainital Breaking: The dispute that began with the toll tax tender has now extended to waste disposal, street lights, and other tenders! Chairperson Saraswati Khetwal’s response failed to quell the q

नैनीताल। नगर पालिका परिषद नैनीताल में दोपहिया वाहनों के टोल टैक्स टेंडर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नगर की अन्य व्यवस्थाओं तक पहुंच गया है। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टीकरण की मांग को लेकर सभासदों द्वारा दिए गए धरने और बहुसूत्रीय मांग पत्र के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ने स्पष्टीकरण दिया। जिससे असंतुष्ट होकर सभासदों ने नगर पालिका परिसर में धरना देकर टोल टैक्स टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि महत्वपूर्ण निर्णय बोर्ड को विश्वास में लिए बिना किए गए और टेंडर प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं बरती गई। सभासदों ने टेंडर से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने तथा पूरी प्रक्रिया का खुलासा करने की मांग की थी। साथ ही चेतावनी दी थी कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आंदोलन तेज किया जाएगा।

धरने के बाद पालिका अध्यक्ष की ओर से भेजे गए जवाब में नगर की विभिन्न समस्याओं पर स्पष्टीकरण दिया गया है। कूड़ा निस्तारण को लेकर कहा गया है कि पालिका के पास कुल 18 कूड़ा वाहन हैं, जिनमें से 12 वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराने और जर्जर हो चुके हैं। पर्यटन सीजन में कूड़े की मात्रा बढ़ने और नए वाहन उपलब्ध न होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं, हालांकि कर्मचारी 10 से 12 घंटे तक कार्य कर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

नगर की खराब प्रकाश व्यवस्था के संबंध में पालिका ने बताया कि 250 नई स्ट्रीट लाइट खरीदी जा चुकी हैं, जिन्हें शीघ्र ही आवश्यकता के अनुसार विभिन्न वार्डों में लगाया जाएगा। डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था पर पालिका ने कहा कि वर्तमान में प्रत्येक वार्ड में न्यूनतम दो कर्मचारी मैन्युअली कूड़ा एकत्र कर रहे हैं तथा चार पिकअप वाहन बाजार और आवासीय क्षेत्रों से कूड़ा उठा रहे हैं। नई निविदा प्रक्रिया जारी है, जिसे 15 दिनों के भीतर पूरा करने का दावा किया गया है।

बिना बोर्ड की स्वीकृति के विभिन्न निविदाएं जारी करने के आरोप पर पालिका ने कहा कि सभासदों ने किसी विशेष निविदा का उल्लेख नहीं किया है। यदि संबंधित निविदा की जानकारी उपलब्ध कराई जाती है तो 15 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए कूड़ेदानों में अनियमितता और निर्धारित क्षमता से कम क्षमता वाले डस्टबिन बांटे जाने के आरोपों को भी पालिका ने खारिज किया है। अध्यक्ष की ओर से कहा गया है कि कूड़ेदानों की खरीद शासन से स्वीकृत डीपीआर के मानकों के अनुरूप ही GeM पोर्टल के माध्यम से की गई है। हालांकि सभासद पालिका के जवाब से संतुष्ट होंगे या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। फिलहाल टोल टैक्स टेंडर, सफाई व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर नगर पालिका में टकराव की स्थिति बनी हुई है और इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय लोगों की भी नजर टिकी हुई है।