नैनीताल:विवाह का झांसा,गर्भपात और धमकी के आरोप!आरोपी नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज!

Nainital: Allegations of Marriage Deception, Abortion, and Threats! Accused Naresh Pandey's Anticipatory Bail Plea Rejected!

नैनीताल:कथित विवाह के झांसे और गर्भपात मामले में आरोपी नरेश पांडे को अग्रिम जमानत नहीं।


नैनीताल की जिला एवं सत्र अदालत ने कथित तौर पर विवाह का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, गर्भधारण होने पर गर्भपात कराने तथा धमकी देने के आरोपों से जुड़े मामले में आरोपी नरेश पांडे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामले की प्रकृति गंभीर है और जांच अभी जारी है, ऐसे में आरोपी को इस चरण पर अग्रिम जमानत दिए जाने का कोई विशेष आधार नहीं बनता। 

अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि वह कई वर्षों तक आरोपी के संपर्क में रही। शिकायत में कहा गया कि संबंधों की शुरुआत के समय वह नाबालिग थी और आरोपी ने स्वयं को विवाहित न बताते हुए विवाह का आश्वासन दिया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि गर्भवती होने पर उससे गर्भपात कराया गया तथा बाद में उसे धमकियां भी दी गईं। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 

वहीं, बचाव पक्ष ने कोर्ट में दावा किया कि आरोपी को राजनीतिक और व्यक्तिगत द्वेष के कारण झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि प्राथमिकी काफी विलंब से दर्ज कराई गई तथा आरोपी का समाजसेवा से जुड़ा सार्वजनिक जीवन रहा है। आरोपी की ओर से यह भी कहा गया कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। 

अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के दौरान पीड़िता के बयान, चिकित्सीय दस्तावेज तथा अन्य सामग्री एकत्र की गई है। अभियोजन ने यह भी कहा कि आरोपी के विरुद्ध पूर्व में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज रहे हैं और जांच एजेंसियों के समक्ष पीड़िता द्वारा धमकियों की शिकायत भी की गई थी। 

कोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि मामले से संबंधित तथ्यों, पीड़िता के आरोपों, जांच की वर्तमान स्थिति, उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व में अंतरिम राहत से इनकार किए जाने तथा आरोपी के कथित आपराधिक इतिहास जैसे पहलुओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि इस स्तर पर अग्रिम जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित होने तथा गवाहों पर प्रभाव पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। 

 

इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नैनीताल ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आदेश में की गई टिप्पणियां केवल अग्रिम जमानत याचिका के निस्तारण तक सीमित हैं और इन्हें मामले के अंतिम गुण-दोष पर राय नहीं माना जाएगा।