सावधान वोटर्स! उत्तराखंड में जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 19 लाख लोगों को मिलेंगे नोटिस,15 सितंबर को आएगी अंतिम सूची

Attention voters! Draft voter list released in Uttarakhand; 1.9 million people to receive notices; final list to be published on September 15.

देहरादून। उत्तराखंड में लोकतंत्र के महापर्व की तैयारियों के बीच निर्वाचन विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण के पूरा होने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस सूची के सामने आते ही राज्य के चुनावी गलियारों और जनता के बीच हलचल तेज हो गई है, क्योंकि प्रदेश के लगभग 19 लाख मतदाताओं के दस्तावेजों और प्रपत्रों में गंभीर विसंगतियां (त्रुटियां) पाई गई हैं। चुनाव आयोग इन सभी 19 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी करने जा रहा है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने देहरादून में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिन 19 लाख मतदाताओं के एसआईआर प्रपत्रों में गड़बड़ियां मिली हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि समय पर अपनी विसंगतियों को दूर करना होगा।

जनता की सुविधा के लिए आयोग ने जमीनी स्तर पर तैयारी की है। ग्रामीण क्षेत्रों में इन सभी मामलों की सुनवाई और निस्तारण न्याय पंचायत स्तर पर किया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। नोटिस पर आपत्तियों और स्पष्टीकरण का निस्तारण 11 सितंबर तक किया जाएगा, जिसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा। ड्राफ्ट सूची के अनुसार, देवभूमि में इस समय कुल मतदाताओं की संख्या 71,33,785 है। लिंगानुपात और जिलों के लिहाज से स्थिति इस प्रकार है। पुरुष मतदाता लगभग 37.23 लाख (52%),महिला मतदाता लगभग 34.23 लाख (47%),शीर्ष तीन जिले 12.45 लाख मतदाता,देहरादून 11.90 लाख मतदाता,ऊधमसिंह नगर 11.55 लाख मतदाता सबसे कम वोटर वाले जिले रुद्रप्रयाग (1.80 लाख), चम्पावत (1.88 लाख) और बागेश्वर (2,00,919)। यदि आपका नाम इस ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल है, तो इसका सीधा मतलब है कि आपका वोट पूरी तरह सुरक्षित है। अपने वोट की स्थिति जानने के लिए मतदाता ये कदम उठा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपने ईपीआईसी नंबर (वोटर आईडी कार्ड नंबर) के जरिए नाम की जांच करें। संबंधित बीएलओ, जिला निर्वाचन अधिकारी, तहसीलदार या एसडीएम कार्यालय में जाकर ड्राफ्ट सूची को देखा जा सकता है। जिन लोगों ने समय पर 'एसआईआर' प्रपत्र नहीं भरा था या जिन्हें बीएलओ द्वारा 'अनकलेक्टेबल' (संपर्क विहीन) श्रेणी में डाल दिया गया था, उनके नाम इस सूची से गायब हैं। ऐसे मतदाताओं को अब नए सिरे से फॉर्म-6 भरना होगा और साथ में निर्धारित घोषणा पत्र जमा करना होगा। चुनाव आयोग ने वोटिंग को सुगम बनाने के लिए इस बार बूथों की संख्या में बंपर बढ़ोतरी की है। राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या को 11,733 से बढ़ाकर सीधे 12,543 कर दिया गया है। इससे मतदाताओं को वोट डालने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे समय गंवाए बिना तुरंत ड्राफ्ट लिस्ट में अपना और अपने परिवार का नाम जांच लें, ताकि 15 सितंबर को आने वाली अंतिम सूची में लोकतंत्र के इस सबसे बड़े अधिकार से कोई भी वंचित न रह सके।