साहब... कार में मेरी पत्नी की लाश है! शव और तीन मासूम बच्चों के साथ थाने पहुंचा पति, सुनकर सन्न रह गए पुलिसकर्मी
मुंबई। महाराष्ट्र के वाशिम जिले से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिसकर्मियों को भी कुछ पल के लिए स्तब्ध कर दिया। मंगलवार तड़के कारंजा ग्रामीण पुलिस स्टेशन में एक कार आकर रुकी और उसमें से उतरे एक व्यक्ति ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों से कहा, "साहब, मेरी गाड़ी में मेरी पत्नी की लाश है, मैंने उसे मार डाला है।" यह सुनते ही पुलिसकर्मी तुरंत हरकत में आए और कार की तलाशी ली। कार में एक महिला का शव पड़ा था, जबकि उसके साथ तीन मासूम बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही। पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान सलमान खान के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के कलौदा गांव का रहने वाला है और पेशे से बिल्डिंग ठेकेदार बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह अपनी पत्नी हसीना बानो और तीन छोटे बच्चों के साथ महाराष्ट्र के नासिक जा रहा था। यात्रा के दौरान समृद्धि महामार्ग पर पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसे लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, बहस बढ़ने पर आरोपी ने समृद्धि महामार्ग पर कार रोक दी। इसके बाद उसने कार में रखी लोहे की रॉड से पत्नी के सिर पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी जब महिला बचने की कोशिश कर रही थी, तब आरोपी ने कथित तौर पर उसके दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को कार में ही रखा और तीनों बच्चों को साथ लेकर वहां से निकल पड़ा। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पत्नी की हत्या करने के बाद भी आरोपी करीब 60 से 70 किलोमीटर तक कार चलाता रहा। पुलिस के अनुसार वह समृद्धि महामार्ग से आगे बढ़ता हुआ मंगलवार सुबह लगभग पांच बजे कारंजा ग्रामीण पुलिस स्टेशन पहुंचा और बिना किसी दबाव के खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उसने पुलिस को पूरी घटना बताते हुए कहा कि उसकी कार में पत्नी का शव रखा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार को अपने कब्जे में लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए कारंजा ग्रामीण पुलिस ने तत्काल कारंजा शहर पुलिस स्टेशन को भी सूचना दी। थाना प्रभारी अमर चोरे पुलिस टीम के साथ आरोपी और बच्चों को लेकर घटनास्थल की तलाश में निकले। हालांकि अंधेरा होने और आरोपी द्वारा सटीक स्थान की पहचान नहीं कर पाने के कारण पुलिस को तत्काल घटनास्थल नहीं मिल सका। बाद में पूरी टीम वापस पुलिस स्टेशन लौट आई और आगे की जांच शुरू की गई। इस पूरे घटनाक्रम का सबसे मार्मिक दृश्य पुलिस स्टेशन में देखने को मिला। तीनों मासूम बच्चे पूरी घटना से पूरी तरह अनजान थे। उन्हें यह भी नहीं पता था कि उनकी मां की हत्या हो चुकी है और उनके पिता पुलिस हिरासत में हैं। बच्चे पुलिस स्टेशन में इधर-उधर खेलते रहे, जबकि पुलिसकर्मी उन्हें बिस्किट और पानी देकर संभालते रहे। बच्चों की मासूमियत और परिस्थितियों से अनभिज्ञ व्यवहार ने वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को भावुक कर दिया। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही हत्या के पीछे की परिस्थितियों, दंपति के संबंधों और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या पूर्व नियोजित थी या विवाद के दौरान अचानक हुई घटना थी। वहीं तीनों बच्चों की सुरक्षा और देखभाल को लेकर भी संबंधित विभागों से समन्वय किया जा रहा है।