महा-बैठक: क्या होने वाला है बड़ा फेरबदल? 5 देशों की यात्रा से लौटते ही एक्शन में पीएम मोदी, शाम 5 बजे बुलाई कैबिनेट की फुल मीटिंग

Mega-Meeting: Is a Major Reshuffle on the Cards? PM Modi Swings into Action Immediately Upon Returning from 5-Nation Tour; Convenes Full Cabinet Meeting at 5 PM.

नई दिल्ली। पांच देशों के अपने महत्वपूर्ण विदेश दौरे से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। पीएम मोदी ने आज यानी गुरुवार शाम 5 बजे एक बेहद अहम और बड़ी बैठक बुलाई है। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को लेकर सरगर्मियां तेज हैं, क्योंकि इसे इस साल की कैबिनेट की पहली 'पूर्ण बैठक' (फुल मीटिंग) माना जा रहा है। इस महा-मंथन में सभी कैबिनेट मंत्रियों, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक का सबसे बड़ा और प्रमुख एजेंडा केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल है। हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मिली शानदार जीत के बाद इस बैठक के राजनीतिक मायने काफी बढ़ गए हैं। बैठक के दौरान सभी मंत्रियों के कामकाज और उनके मंत्रालयों के रिपोर्ट कार्ड की गहन समीक्षा की जाएगी। माना जा रहा है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है, वहीं उम्मीदों पर खरे न उतरने वाले मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। इस बैठक में केवल राजनीतिक समीकरणों पर ही नहीं, बल्कि आम जनता की जेब से जुड़े सीधे मुद्दों पर भी बात होगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संकट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी इस बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि पश्चिम एशिया संकट के चलते देश में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) और रसोई गैस की कीमतों पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए सरकार किसी बड़े कदम की घोषणा कर सकती है। पीएम मोदी पहले ही सभी संबंधित विभागों को यह निर्देश दे चुके हैं कि वैश्विक उथल-पुथल का असर देश के आम नागरिकों पर न पड़े और उन्हें कम से कम असुविधा हो। बैठक में सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक योजनाओं को जमीन पर और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा होगी, ताकि उनका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। हमारी 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' ने देश में व्यवस्थागत बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दिनों सुधारों की प्राथमिकता तय करते हुए प्रधानमंत्री इस बैठक में आगामी 10 वर्षों के लिए देश के विकास और सुधारों की प्राथमिकताओं की रूपरेखा मंत्रियों के सामने रख सकते हैं। कुल मिलाकर, आज शाम होने वाली यह बैठक न केवल सरकार के भविष्य के एजेंडे को तय करेगी, बल्कि आगामी दिनों में देश की राजनीति और नीति दोनों को नई दिशा दे सकती है।