पंजाब में मेरठ जैसा हत्याकाण्डः प्लास्टिक ड्रम में कटा हुआ सिर मिलने से सनसनी! बोरे में मिले लाश के टुकड़े, दोस्त ही निकला कातिल
नई दिल्ली। पंजाब के लुधियाना से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, यहां जालंधर बाइपास के पास एक खाली प्लॉट में सफेद प्लास्टिक के ड्रम और बोरे में युवक की कटी हुई लाश मिलने से हड़कंप मच गया। एक राहगीर को ड्रम से तेज बदबू आई, जिससे उसे शक हुआ। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब ड्रम खोला तो अंदर का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। यह वारदात मेरठ के चर्चित नीले ड्रम की याद दिलाने वाली थी। पुलिस ने मृतक की पहचान 35 वर्षीय दविंदर कुमार के रूप में की, जो लुधियाना की भारती कॉलोनी का रहने वाला था। दविंदर पेशे से ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल प्रिंटिंग मशीनों से जुड़ा काम करता था। वह पिछले 4-5 महीनों से मुंबई में काम कर रहा था और दो दिन पहले ही लुधियाना लौटा था। परिवार के मुताबिक दविंदर मेहनती और जिम्मेदार व्यक्ति था। उसकी शादी हो चुकी थी और उसकी करीब 7 महीने की एक मासूम बेटी भी है। इस मामले में गठित तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम के दौरान बड़ा खुलासा किया है। डॉक्टरों को दविंदर के बाएं हाथ पर इंजेक्शन लगाए जाने के साफ निशान मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले उसे किसी नशीले या जहरीले पदार्थ का इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया। हालांकि मौत की असली वजह विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। खबरों के मुताबिक पोस्टमार्टम के लिए लाश के छह टुकड़ों को अस्पताल लाया गया था। हैरानी की बात यह रही कि लाश का दायां हाथ मौके से बरामद नहीं हुआ। पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शरीर के कुछ हिस्से अलग-अलग जगहों पर फेंके हैं। इसी वजह से आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस जघन्य हत्याकांड में पुलिस ने मृतक के दोस्त शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है। शेरा पेशे से बढ़ई बताया जा रहा है और मृतक के घर के पास ही रहता था। पुलिस के अनुसार दोनों पति-पत्नी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है।
दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर, आरी से किए गए 6 टुकड़े
जांच में सामने आया है कि दविंदर और शेरा गहरे दोस्त थे। दविंदर मुंबई से लुधियाना डिजिटल प्रिंटिंग मशीनें खरीदने के लिए आया था। इसी दौरान दोनों की मुलाकातें बढ़ीं, लेकिन पैसों के पुराने लेन-देन को लेकर उनके बीच तनाव चल रहा था। पुलिस को शक है कि यही विवाद धीरे-धीरे जानलेवा झगड़े में बदल गया। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समीर वर्मा के मुताबिक 6 जनवरी को दविंदर शेरा के घर गया था। दोनों ने वहां चिट्टे- यानी हेरोइन का सेवन किया। नशे की हालत में पैसों को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई। गुस्से में आकर शेरा ने दविंदर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की साजिश रची। हत्या के बाद सबसे बड़ा काम था लाश को ठिकाने लगाने का। लिहाजा शेरा ने अपनी आरी की मदद से दविंदर की लाश के छह टुकड़े किए। इस काम में उसे करीब ढ़ाई घंटे का वक्त लगा। इसके बाद दविंदर के कटे हुए सिर को सफेद प्लास्टिक के एक ड्रम में डाला गया, जबकि शरीर के अन्य हिस्सों को बोरे में भर दिया गया। इसके बाद इन टुकड़ों को अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगाया गया। आरोपी की यह करतूत जानकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शेरा की पत्नी कुलदीप कौर ने इस पूरे अपराध में उसका साथ दिया। उसने लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने में मदद की और सबूत छुपाने की कोशिश की। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।