Sep 08, 2026 Login

दिल्ली में अवैध इमारतों पर एमसीडी का बड़ा चाबुक: 4 मंजिल से ऊंचे अवैध निर्माण होंगे सील, दोषी अफसर होंगे बर्खास्त

MCD cracks down hard on illegal buildings in Delhi: Illegal structures taller than four floors to be sealed,erring officials to be dismissed.

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम इलाके स्थित सत्य निकेतन में रविवार दोपहर एक भयानक हादसे ने पूरे शहर को दहला दिया। यहां करीब 30 साल पुरानी और पांच मंजिला इमारत 'हॉस्टल डेज' ताश के पत्तों की तरह भरभराकर ढह गई। इस बहुमंजिला इमारत में छात्रों के लिए पीजी (पेइंग गेस्ट) हॉस्टल चलाया जा रहा था। रविवार का दिन होने के कारण ज्यादातर छात्र अपने कमरों में ही मौजूद थे, जिससे हादसे का असर बेहद गंभीर हो गया।

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत के अचानक भरभराकर गिरने की दर्दनाक घटना के बाद दिल्ली नगर निगम हरकत में आ गया है। हादसे में छह लोगों की मौत और कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका ने राजधानी में अवैध और जर्जर निर्माण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद निगम ने बड़ा फैसला लेते हुए चार मंजिल से अधिक वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल प्रभाव से सील करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सत्य निकेतन इलाके में करीब 30 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत में ‘हॉस्टल डेज’ नाम से पीजी हॉस्टल संचालित हो रहा था। रविवार दोपहर करीब 1:33 बजे अचानक पूरी इमारत भरभराकर ढह गई। हादसे के वक्त रविवार होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र अपने कमरों में मौजूद थे। इमारत के मलबे में 30 से 40 छात्रों के दबे होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की आठ गाड़ियों समेत बचाव दल मौके पर पहुंच गए। राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। हालांकि सरकारी एजेंसियों के पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों और आसपास की इमारतों में रहने वाले छात्रों ने भी मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया था। हादसे के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में इमारत के गिरते ही चारों ओर धूल का घना गुबार उठता दिखाई दे रहा है। हादसे ने एक बार फिर राजधानी में अवैध निर्माण और भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर उन इलाकों में जहां पुराने मकानों को बिना पर्याप्त सुरक्षा जांच के पीजी, हॉस्टल और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार मंजिल से अधिक वाले सभी अवैध निर्माणों को तत्काल सील करने का आदेश जारी किया है। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण में नियमों की अनदेखी या कार्रवाई में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने हादसे पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सत्य निकेतन इमारत हादसे के जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर तत्काल बर्खास्तगी की बात कही। सत्य निकेतन हादसे के बाद अब निगम की कार्रवाई का असर राजधानी के उन इलाकों में भी दिखाई देने की उम्मीद है, जहां नियमों को ताक पर रखकर बहुमंजिला निर्माण किए गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि समय रहते ऐसे भवनों की जांच और कार्रवाई होती, तो क्या इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था? फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन इस हादसे ने दिल्ली के सामने एक बार फिर ‘अवैध निर्माण बनाम इंसानी सुरक्षा’ का बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।