बारिश का कहरः दिल्ली में चार मंजिला इमारत जमींदोज, कई छात्रों के दबे होने की आशंका! कानपुर में कच्ची छत ढही, पिता समेत तीन बेटियों की मौत
नई दिल्ली/कानपुर। देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के बीच रविवार को दो दर्दनाक हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। राजधानी दिल्ली के दक्षिणी इलाके सत्य निकेतन में एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के वक्त इमारत के भीतर हॉस्टल संचालित होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मलबे में कई छात्रों के दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का अभियान शुरू कर दिया। वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारिश के बीच कच्ची छत ढहने से एक ही परिवार के पिता और उनकी तीन बेटियों की मौत हो गई, जबकि चौथी बेटी गंभीर रूप से घायल है। दिल्ली के मोती बाग स्थित शिव मंदिर के पास सत्य निकेतन इलाके में दोपहर के समय अचानक एक चार मंजिला इमारत ढह गई। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि पिछले तीन दिनों से दिल्ली में लगातार बारिश हो रही है। इसी दौरान इमारत के अचानक गिरने से उसके भीतर मौजूद लोगों के मलबे में दबने की आशंका जताई गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1 बजकर 33 मिनट पर पुलिस और दमकल विभाग को इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद फायर ब्रिगेड की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि इमारत में हॉस्टल चल रहा था और हादसे के वक्त बड़ी संख्या में छात्र वहां मौजूद थे। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक 50 से 60 छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, फंसे हुए छात्रों की वास्तविक संख्या का पता हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इमारत गिरने के बाद आसपास के इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकलकर्मी और बचाव दल मलबे के बीच फंसे लोगों की तलाश में जुट गए। राहतकर्मी बेहद सावधानी से मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तीन छात्रों को मलबे से बाहर निकाला गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुछ छात्रों के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, मलबे में और कितने लोग फंसे हैं, इसकी स्थिति बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ ही स्पष्ट होगी। हादसे के बाद प्रशासन और बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर मौजूद हैं। आसपास के इलाके को भी खाली कराया जा रहा है ताकि राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
कानपुर में कच्ची छत ढही, एक परिवार के चार लोगों की मौत
उधर, उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारिश के बीच कच्ची छत ढहने से एक ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। हादसे में पिता समेत तीन बेटियों की मौत हो गई, जबकि चौथी बेटी गंभीर रूप से घायल है। हादसा होते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और बिना देर किए मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस के आपातकालीन नंबर 112 पर दी। ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे मुकेश सिंह और उनकी बेटियों माया, पल्लवी और नीतू को बाहर निकाला गया। इसके बाद सभी को सीएचसी पतारा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चारों को मृत घोषित कर दिया। हादसे में मुकेश सिंह की चौथी बेटी काजल उर्फ लक्ष्मी भी मलबे में दब गई थी। वह काफी गहराई में फंसी हुई थी। ग्रामीण लगातार मलबा हटाकर उसकी तलाश करते रहे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने काजल को मलबे से बाहर निकाल लिया। उसकी हालत गंभीर बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। एक ही हादसे में पिता और तीन बेटियों की मौत की खबर सामने आते ही परिवार में कोहराम मच गया। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हादसे के बाद ग्रामीणों में पुलिस और प्रशासन के रवैये को लेकर भी नाराजगी दिखाई दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने अपने स्तर पर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया था। ग्रामीणों के मुताबिक, मलबे में दबे लोगों को बचाने के लिए उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों को बुलाया और हाथों से मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। इसी दौरान दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश जारी रही।