Aug 22, 2026 Login

उत्तराखंड कांग्रेस में 'टिकट और पद' के नाम पर महाठगी: गौरव ने लगाया करोड़ों का चूना,भावना पांडे ने खोली पोल,बाकी 'शर्म' में गोल

Massive Scam in Uttarakhand Congress Under the Guise of 'Tickets and Posts': Gaurav Swindles Crores; Bhavna Pandey Exposes the Racket, While Others Go Missing Out of 'Shame'.

देहरादून। पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद जहां एक ओर राजनीतिक गलियारों में मंथन का दौर चल रहा है, वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर एक ऐसा 'सियासी स्कैम' सामने आया है जिसने पार्टी की चूलें हिला दी हैं। पंजाब के गौरव नामक एक शातिर ठग ने खुद को आलाकमान का करीबी बताकर कांग्रेसी नेताओं की जेब पर डाका डाला है। खुद को सक्रिय कांग्रेसी बताने वाली भावना पांडे ने राजपुर थाने में 25 लाख रुपये की ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन चर्चा है कि ठगी का यह आंकड़ा करोड़ों में है।

उत्तराखंड में एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है। टिकट और पार्टी में ऊंचे पद दिलाने के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। खुद को सक्रिय कांग्रेसी बताने वाली भावना पांडे इस मामले में खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने राजपुर थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए करीब 25 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया है। भावना पांडे का कहना है कि उन्हें पार्टी में पद और विधानसभा चुनाव का टिकट दिलाने का झांसा देकर पैसे लिए गए। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड गौरव नाम का व्यक्ति बताया जा रहा है, जो खुद को पार्टी से जुड़ा हुआ बताकर नेताओं से संपर्क करता था। वह नेताओं को बड़े पद और प्रमुख सीटों से टिकट दिलाने का लालच देता और भरोसा दिलाने के लिए बड़े नेताओं के नामों का भी इस्तेमाल करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी इतना शातिर था कि किसी भी सवाल पर वह राहुल गांधी का नाम लेकर दबाव बना देता था और कहता था कि ज्यादा सवाल पूछने से नाराजगी हो सकती है। इसी डर और लालच के बीच कई नेता उसके जाल में फंसते चले गए। चौंकाने वाली बात यह है कि भावना पांडे अकेली पीड़ित नहीं हैं। सूत्रों का दावा है कि कई अन्य नेता और टिकट के दावेदार भी इस ठगी का शिकार हुए हैं, जिनसे लाखों ही नहीं बल्कि सवा करोड़ से लेकर दो करोड़ रुपये तक की रकम वसूली गई है। हालांकि, इनमें से अधिकांश लोग अब तक सामने नहीं आए हैं। इस खामोशी के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। एक ओर जहां सामाजिक और राजनीतिक शर्म का दबाव है, वहीं दूसरी ओर बड़ी रकम के लेन-देन को लेकर एजेंसियों की जांच का डर भी नेताओं को सामने आने से रोक रहा है। कई लोग इस दुविधा में फंसे हैं कि अगर वे शिकायत करते हैं तो और बड़े नाम उजागर हो सकते हैं, जबकि चुप रहने पर न्याय नहीं मिल पाएगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उत्तराखंड में टिकट की होड़ तेज हो गई है। ऐसे में कई नेता अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, जिसका फायदा उठाकर ठग सक्रिय हो गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी के कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच के दायरे में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला न केवल राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सत्ता और टिकट की दौड़ में किस तरह लोग ठगी का शिकार हो रहे हैं। अब देखना होगा कि बाकी पीड़ित सामने आते हैं या यह मामला कुछ नामों तक ही सिमट कर रह जाता है।