ऋषिकेश में बड़ा हादसा: प्रतिबंधित घाट पर फोटो खींचते समय गंगा के तेज बहाव में बहे दो युवक, एसडीआरएफ का सर्च अभियान जारी

Major Tragedy in Rishikesh: Two Youths Swept Away by Strong Currents of the Ganges While Taking Photos at a Prohibited Ghat; SDRF Search Operation Underway.

ऋषिकेश। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ऋषिकेश से एक बेहद दर्दनाक और आंखें खोल देने वाला हादसा सामने आया है। थाना लक्ष्मणझूला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक प्रतिबंधित घाट पर फोटो खिंचवाने के चक्कर में उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के दो युवक गंगा नदी के तेज बहाव में बह गए। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अमरोहा (नौगावां सादात) से चार दोस्तों का एक ग्रुप ऋषिकेश घूमने आया हुआ था। बुधवार (21 मई) की शाम को ये सभी दोस्त 'डबल ट्रिपल बीच' के पास घूम रहे थे। इसी दौरान दो युवक नदी के किनारे खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाने लगे। तभी अचानक पैर फिसलने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे देखते ही देखते गंगा की उफनती और बेहद तेज धारा की चपेट में आ गए। किनारे पर मौजूद उनके बाकी दोस्तों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन नदी का वेग इतना तेज था कि दोनों पलक झपकते ही गहरे पानी में समा गए। डूबने वाले युवकों की पहचान मोहम्मद फैज़ान (25 वर्ष) पुत्र अली अब्बास और मोहम्मद कैफ (19 वर्ष) पुत्र नसीम अख्तर निवासी नौगावां सादात, अमरोहा (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। घटना की शाम को ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल को सूचित किया गया था। प्रकाश की कमी के कारण रात को अभियान रोकने के बाद, आज सुबह से ही एसडीआरएफ की टीम ने हाई-टेक रेस्क्यू उपकरणों और अनुभवी डीप डाइवरों (गहरे पानी के गोताखोरों) की मदद से गंगा की गहराई में दोनों युवकों की तलाश के लिए एक बड़ा सर्च ऑपरेशन छेड़ रखा है। समाचार लिखे जाने तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। एसडीआरएफ के अधिकारियों ने बताया कि जिस जगह यह हादसा हुआ, वह पूरी तरह से प्रतिबंधित और असुरक्षित घाट क्षेत्र है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से एक बार फिर बेहद भावुक और सख्त अपील की है कि वे नदियों के किनारे जाते समय सुरक्षा नियमों का खिलवाड़ न करें। पहाड़ी नदियों का बहाव दिखने में जितना शांत लगता है, अंदर से वह उतना ही खतरनाक होता है। इसलिए केवल चिन्हित और सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करें और सेल्फी या फोटो के चक्कर में अपनी जान जोखिम में न डालें।