निपाह वायरस की दस्तक से हड़कंप: केरल में मिला पहला संदिग्ध मरीज, राज्य में 'हाई अलर्ट' जारी
तिरुवनंतपुरम। देश में एक बार फिर खतरनाक 'निपाह वायरस' का साया मंडराने लगा है। केरल के कोझिकोड में 43 वर्षीय एक व्यक्ति के शुरुआती टेस्ट में निपाह वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से 'हाई अलर्ट' जारी कर दिया है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि मरीज को कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज में कड़ी निगरानी में रखा गया है। संक्रमण की अंतिम और आधिकारिक पुष्टि के लिए मरीज के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं, जिसकी रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार,निपाह वायरस एक बेहद जानलेवा इंफेक्शन है, जिसमें औसतन मृत्यु दर 50 प्रतिशत से भी अधिक है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अगर वायरस का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए, तो मरीज के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। आमतौर पर फल खाने वाले चमगादड़ (फ्रूट बैट्स) इस वायरस के मुख्य वाहक होते हैं। यदि कोई व्यक्ति चमगादड़ द्वारा कुतरे या काटे गए फल को खा लेता है, तो वह इसकी चपेट में आ जाता है। लेकिन इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक चौंकाने वाला दावा किया है कि चमगादड़ों के अलावा 'पागल कुत्ते' भी इस खतरनाक वायरस के वाहक हो सकते हैं, जिससे खतरा और बढ़ गया है। इस वायरस का अभी तक कोई विशिष्ट इलाज या सटीक टीका (Vaccine) उपलब्ध नहीं है, वैज्ञानिक इस पर लगातार शोध कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इसके लक्षण बेहद डराने वाले हैं। मरीज को तेज बुखार आता है, शरीर का तापमान बढ़ता है और गले में गंभीर खराश होती है। धीरे-धीरे मरीज को सांस लेने में अत्यधिक तकलीफ होने लगती है और दौरे पड़ने लगते हैं। स्थिति बिगड़ने पर मरीज कोमा में भी जा सकता है। केरल स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे पेड़ों से गिरे या पक्षियों-जानवरों द्वारा कुतरे गए फलों को बिल्कुल न खाएं। इसके साथ ही बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करने की हिदायत दी गई है।