मुलायम सिंह के परिवार में बड़ी फूट! बेटे प्रतीक यादव ने पत्नी अपर्णा यादव को तलाक देने का किया ऐलान, सोशल मीडिया पर लिखी दिल की बात
लखनऊ। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी अपर्णा यादव को तलाक देने का ऐलान कर दिया है। गौरतलब है कि प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं। बता दें कि अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी की राजनीति से खुद को अलग करके बीजेपी ज्वाइन की थी और वर्तमान में वह बीजेपी की नेता हैं। प्रतीक यादव ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपर्णा यादव की तस्वीर पोस्ट करके लिखा, मैं जल्द से जल्द इस मतलबी औरत को तलाक देने जा रहा हूं। उसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है। अभी मेरी मानसिक हालत बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही फिक्र है। मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की। बता दें कि प्रतीक यादव सक्रिय रूप से राजनीति से हमेशा से दूर रहे हैं। वह मुख्य रूप से व्यापार करते हैं और हाई प्रोफाइल लाइफ जीते हैं। अपने कारों के कलेक्शन की वजह से वह अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके पास कई लक्जरी गाड़ियां हैं। इसके विपरीत अपर्णा यादव वर्तमान में यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष भी हैं। हांलाकि अभी तक प्रतीक यादव के सोशल मीडिया पोस्ट पर अपर्णा यादव का कोई रिएक्शन सामने नहीं आया है।
कौन हैं अपर्णा यादव?
अपर्णा यादव 36 साल की हैं और वह समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेता रहे दिवंगत मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं। अपर्णा मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक यादव की पत्नी हैं। अपर्णा का जन्म साल 1990 में लखनऊ में हुआ था। हालांकि उनका परिवार उत्तराखंड से है। जानकारी के मुताबिक साल 2011 में अपर्णा बिष्ट और प्रतीक यादव की शादी हुई थी। अपर्णा और प्रतीक ने प्रेम विवाह किया था। दोनों के बीच स्कूल के दौरान ही प्रेम हो गया था। अपर्णा यादव ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि भाजपा नेता रीता बहुगुणा जोशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद साल 2022 में अपर्णा यादव ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। उन्होंने कहा था कि वह हमेशा से प्रधानमंत्री से प्रभावित रही हैं। अपर्णा के भाजपा में जाने पर अखिलेश ने कहा था कि नेता जी ने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की थी।