नैनीताल में पार्किंग शुल्क पर बड़ी राहत:बैकफुट पर आया नगर पालिका प्रशासन,₹500 में ही शामिल होगा 18% GST,अतिरिक्त चार्ज खत्म
नैनीताल: सरोवर नगरी नैनीताल में पार्किंग शुल्क को लेकर चल रहा विवाद अब राहत में बदल गया है। नगर पालिका प्रशासन ज्ञापन के बाद बैकफुट पर आ गया है और बड़ा फैसला लेते हुए 18% जीएसटी को अलग से वसूलने का प्रस्ताव वापस ले लिया गया है।
अब पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ₹500 पार्किंग शुल्क के ऊपर अतिरिक्त जीएसटी नहीं देना होगा। नगर पालिका के नए निर्णय के अनुसार ₹500 की पर्ची में ही 18% जीएसटी शामिल रहेगा, यानी कुल भुगतान ₹500 ही रहेगा और कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा।
यह निर्णय ठाकुर जी एंटरप्राइजेज के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह बोरा द्वारा दिए गए ज्ञापन के बाद लिया गया है। उन्होंने नगर पालिका को अवगत कराया था कि ₹500 के ऊपर 18% जीएसटी जोड़ने से शुल्क ₹590 हो जाएगा, जिससे पर्यटकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा और पर्यटन कारोबार प्रभावित हो सकता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया था कि पहले से ही पार्किंग शुल्क अधिक है, ऐसे में अतिरिक्त जीएसटी वसूली से नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या पर असर पड़ सकता है, खासकर ऑफ-सीजन में व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
नगर पालिका के इस फैसले के बाद स्थानीय व्यापारियों, ठेकेदारों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहर की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
गौरतलब है कि नैनीताल नगर पालिका परिषद ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पार्किंग और टोल संग्रह की नई व्यवस्था लागू की है। बढ़ती भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से शुल्क तय किया गया था, लेकिन जीएसटी को लेकर उठे विवाद के बाद अब प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट कर दी है।
इस फैसले के साथ ही यह साफ हो गया है कि नैनीताल आने वाले पर्यटकों को पार्किंग के नाम पर अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा और ₹500 में ही सभी टैक्स शामिल रहेंगे, जो सीधे तौर पर बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।