उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों में बड़ा सुधार, डीजी लॉकर पर अपलोड होंगे शैक्षणिक प्रमाणपत्र

Major reform in Uttarakhand universities: Academic certificates will be uploaded to DigiLocker.

उत्तराखंड के उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीकी रूप से सशक्त और समयबद्ध बनाने की दिशा में कुछ अहम निर्देश जारी किए गए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालय अपने छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से डीजी लॉकर पर अपलोड करें, ताकि विद्यार्थियों को अंकपत्र और उपाधियां आसानी से ऑनलाइन उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त चल रहे शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर पदों पर 10 फरवरी तक भर्ती विज्ञापन जारी करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। 

यह निर्देश सचिवालय में आयोजित उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए. बैठक में सभी राजकीय विश्वविद्यालयों के कुलसचिव एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक सभी छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक डाटा डीजी लॉकर पर अपलोड किया जाना अनिवार्य है, साथ ही पिछले सालों का लेगेसी डाटा भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से डीजी लॉकर से जोड़ा जाए। इसकी साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट शासन और मंत्रालय को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। धन सिंह रावत ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को लेकर नाराजगी जताई है, इसमें कहा गया कि लंबे समय से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी रिक्त पदों के सापेक्ष 10 फरवरी 2026 तक भर्ती विज्ञापन जारी कर दिए जाएं। किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षक और कर्मचारी होना जरूरी है। उच्च शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप शैक्षणिक सत्र को सुव्यवस्थित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक सेमेस्टर में न्यूनतम 90 दिन कक्षाओं का संचालन अनिवार्य रूप से किया जाए और परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए जाएं। आवश्यकता पड़ने पर परीक्षा प्रणाली में बदलाव करने से भी न हिचकने के निर्देश दिए गए। 

छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों को उद्योगों के साथ एमओयू करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को अनिवार्य औद्योगिक प्रशिक्षण मिल सके. इसकी मासिक रिपोर्ट शासन को भेजना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रतियोगिताओं के आयोजन के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतर-विश्वविद्यालय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में कार्यरत शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को अनिवार्य किया जाएगा। इसके अलावा सभी शिक्षण संस्थानों को स्वामी विवेकानंद ईपुस्तकालय योजना से जोड़ने की दिशा में भी कार्य तेज किया जाएगा, ताकि छात्रों को डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध हो सके। उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।